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सामाजिक समरसता सम्मान से नवाजे गए पत्रकार

 Sabahat Vijeta |  2016-10-04 15:10:23.0

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बाराबंकी. भारत छोड़ो आन्दोलन के 75वें साल में गाँधी जयंती पर हुए आयोजन में पत्रकारिता, कला और समाजसेवा के क्षेत्र में काम करने वाली विभूतियों को सम्मान दिया गया. गांधी जयंती स्मारक ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन प्रख्यात समाजवादी राजनाथ शर्मा के दिशा निर्देशन में हुआ.


सामाजिक समरसता के लिए इस सम्मान समारोह में लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार हेमंत तिवारी को कमलापति त्रिपाठी पुरस्कार, पीटीआई के यूपी चीफ प्रमोद गोस्वामी को राम मनोहर लोहिया पुरस्कार, और तहलका न्यूज के संपादक डॉ. उत्कर्ष सिन्हा को राष्ट्र भाषा सम्मान पुरस्कार के साथ साथ दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार एवं देशबन्धु के कार्यकारी सम्पादक जयशंकर गुप्ता को चन्द्रभानु गुप्त जनसेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया.


गांधी जयन्ती के अवसर पर गैस अर्थारिटी आफ इण्डिया लि. (गेल) द्वारा प्रायोजित सामाजिक सहभागिता सम्मान के अर्न्तगत कई विभूतियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर बांदा निवासी पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद बोस को आचार्य नरेंद्र देव सद्भावना पुरस्कार, गांधी शान्ति प्रतिष्ठान के पूर्व सचिव सुरेन्द्र कुमार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण सम्पूर्ण क्रांति पुरस्कार, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व प्रचारक जगत नारायण दूबे को पंडित दीन दयाल उपाध्याय सद्भावना पुरस्कार, मौलाना आजाद मेमोरियल सोसाइटी के महासचिव कुददूस हाशमी को युसूफ मेहर अली सद्भावना पुरस्कार, द ट्रेन्ड नर्सेज एसोसिएशन उ.प्र. की अध्यक्ष मेरी जे. मलिक को अरुणा आसफ अली अगस्त क्रांति पुरस्कार, प्रयत्न फाउन्डेशन की संयोजिका सुश्री नाहिद अकील को कमला देवी चटोपाध्याय सदभावना पुरस्कार, प्रेस क्लब कानपुर के अध्यक्ष सरस बाजपेई को मधुलिमये सदभावना पुरस्कार, वरिष्ठ समाजवादी नेता विजय बहादुर राय को लोकबन्धु राजनारायण सद्भावना पुरस्कार, लोकनायक जयप्रकाश नारायन अन्तर्राष्ट्रीय अध्ययन विकास केन्द्र के राष्ट्रीय महासचिव अभय सिन्हा को चंद्रशेखर सदभावना पुरस्कार, एस.जी.पी.जी.आई के वरिष्ठ न्यूरो फिजीशियन डा. विमल कुमार पालीवाल को डॉ ए.जे. फरीदी चिकित्सा पुरस्कार, पूर्व पुलिस महानिरीक्षक एस.आर दारापुरी को डा बी.आर. अम्बेडकर सदभावना पुरस्कार, जनपद के वरिष्ठ लेखक, साहित्यकार, मोहम्मद मूसा खान को प्रोफेसर विनोद प्रसाद सिंह साहित्य पुरस्कार, प्रख्यात शायर एवं गीतकार आलोक श्रीवास्तव को मजाज़ पुरस्कार, वरिष्ठ पत्रकार एवं नवभारत टाइम्स के स्थानीय सम्पादक सुधीर मिश्र को प्रभाष जोशी पत्रकारिता पुरस्कार, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह को प्रशासनिक सेवा सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया.


महात्मा गांधी की जयन्ती पर आयोजित परिचर्चा में सूबे के पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद बोस ने दीप प्रज्वलित कर महात्मा गांधी के चित्र पर मार्ल्यापण क कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की. इस मौके पर श्री बोस ने अपने उदबोधन में समाजवादी आन्दोलन एवं महात्मा गांधी के जुड़े आन्दोलनों के बारे में विस्तार से बताया.


समारोह की अध्यक्षता कर रहे समाजवादी चिन्तक सैय्यद सगीर अहमद ने कहा कि बाराबंकी में गांधी दर्शन पर जो कार्य होते हैं वह सराहनीय हैं. आज देश को गांधीवाद की जरूरत है. भारत विभाजन की शुरूआत बाराबंकी से ही हुई और आज यहीं का एक नुमाइंदा हिन्दुस्तान और पाकिस्तान को एक करने के लिए जनमत तैयार कर रहे हैं.


कवि सम्मेलन एवं मुशायरा


बाराबंकी। गांधी जयन्ती पर आयोजित के अवसर पर गांधी जयन्ती समारोह टस्ट के तत्वधान में गैस अर्थारिटी आफ इण्डिया लि. (गेल) द्वारा प्रायोजित 39वें अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन नगर पालिका के मैदान में आयोजित किया गया. जिसकी अध्यक्षता मैक्स हास्पिटल के वरिष्ठ सर्जन डा. अखिलेश यादव ने की तथा संचालन कवि बागी विनय ने किया.


मुशायरे में अपनी नज़्म पेश करते हुए शायर मंजर भोपाली ने कहा ’’गांधी जी अब देख ले आकर अपना हिन्दुस्तान, कैसे-कैसे आपके चेले हो गए बेइमान.’’ अब तो खुद अपने खून ने भी साफ कह दिया, मैं आपका रहूंगा मगर उम्र भर नहीं. आ ही गए ख्वाब तो जाएंगे, आंखों के आगे इनकी कोई रह गुजर नहीं.’’


मुशायरे को अपनी गज़ल से लोगों को मंत्रमुग्ध करने वाले शायर ताहिर फराज पढ़ा ’’मुझको पागल करने वाला खुद पागल हो जाएगा, कोई हंसी मंजर आंखो से जब ओझल हो जाएगा. जब भी वो पाकिजा दामन, आ जाएगा हाथो में, आंखों का यह मैला पानी गंगा जल हो जाएगा. मत घबरा ऐसे प्यासे दरिया सूरज आने वाला है, बर्फ पहाड़ो से पिघलेगी जल ही जल हो जाएगा.’’ काविश रूदौलवी ’’ जान दे देना, ये तन मत बेचना, तुम कभी गंगो जमन मत बेचना, ए वतन के नौनिहालों कुछ भी हो तुम शहीदों के कफन मत बेचना.’’ इस मौके पर शायर पपलू लखनवी, कवि वाहिद अली वाहिद, बागी विनय, राजेन्द्र कंटक, आशोक टाटम्बरी, जमुना प्रसाद उपाध्याय ने अपनी कव्य रचना प्रस्तुत की.

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