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दयाशंकर की बहन-बेटी पर लगे नारों से बसपा शर्मिंदा नहीं

 Sabahat Vijeta |  2016-07-22 16:07:40.0

nasimiddeen-2तहलका न्यूज़ ब्यूरो


लखनऊ. बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी यह मानने को तैयार नहीं हैं कि लखनऊ में हुए प्रदर्शन में भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर की बहन-माँ और बेटी को लेकर जो नारे लगाए गये वह कोई गलती थी. उनका कहना है कि हमारी भावनाओं को गलत तरीके से लिया गया. हम तो उन्हें पेश करने के लिये इसलिए कह रहे थे कि हम उनसे यह पूछें कि क्या जिस तरह उन्होंने मायावती के बारे में कहा वैसे ही वह अपनी बहन-माँ और बेटी के बारे में भी बोलते हैं.


नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी ने यह तो स्वीकार किया कि उन्हें नहीं पता था कि दयाशंकर की बेटी सिर्फ 12 साल की है, लेकिन एक नाबालिग़ लड़की को लेकर नारे लगाने के लिये उन्हें कोई शर्मिंदगी नहीं है. उन्होंने कहा कि जब दयाशंकर ने मायावती के बारे में इतनी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया तो फिर उनके परिवार पर हुई टिप्पड़ी से शर्मिंदगी कैसी?


दयाशंकर की माँ के उस एतराज़ को भी उन्होंने जस्टीफ़ाई कर दिया जिसमें दयाशंकर को कुत्ता कहा गया. नसीमुद्दीन ने कहा कि दयाशंकर का व्यवहार इंसान का नहीं जानवर का ही था.


दयाशंकर की पत्नी के सवालों और उनकी माँ द्वारा लिखाई गई रिपोर्ट को उन्होंने भाजपा की चाल बताया. नसीमुद्दीन से जब यह पूछा गया कि जब आपकी पार्टी की तरफ से दयाशंकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी गई तब प्रदर्शन कर दयाशंकर के परिवार की महिलाओं के खिलाफ नारे क्यों लगाये गए, क्या कानून पर भरोसा नहीं है? तो उन्होंने कहा कि कानून अपनी जगह है और राजनीति अपनी जगह है.


नसीमुद्दीन ने कहा कि बसपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर दयाशंकर के अपराध पर पर्दा डालने की कोशिश के सिवाय कुछ नहीं है. प्रेस कांफ्रेंस में नसीमुद्दीन को यह अहसास तो हुआ कि प्रदर्शन में जो हुआ वह सही नहीं हुआ लेकिन उन्होंने कहा यही कि कोई गलती नहीं हुई. हालांकि यह ज़रूर जोड़ा कि 25 जुलाई को होने वाले प्रदर्शन में दयाशंकर के परिवार की महिलाओं के बारे में टिप्पड़ी नहीं की जायेगी.

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