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शिवपाल यादव ने दिया आधुनिक तकनीक पर जोर

 Sabahat Vijeta |  2016-04-19 17:14:29.0


  • शिवपाल सिंह यादव ने की सिंचाई विभाग की समीक्षा

  • मुख्यमंत्री अखिलेश सरकार का एतिहासिक कार्य है गोमती सफाई

  • यूपी की सिंचाई व्यवस्था की देश और विदेश में हो रहीं है तारीफ

  • सूखे एवं बाढ़ के दृष्टिगत चिन्हित जिलों में तैयारी समय से पूर्ण करें

  • नहरों, माइनरों एवं रजबहों की सिल्ट सफाई अविलम्ब सुनिश्चत की जाये

  • आधुनिक तकनीकि के प्रयोग पर बल, सभी मुख्य अभियन्ता कम से कम 10 दिन क्षेत्रों का भ्रमण करें

  • किसी भी काम को कराने के लिए वित्तीय स्वीकृति लेना अनिवार्य


shivpal-sinchaaiलखनऊ, 19 अप्रैल. उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण, सिंचाई, राजस्व एवं सहकारिता मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने आज सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि समय रहते हर- हाल में सभी नहरों, माइनरों एवं रजबहों की सिल्ट सफाई सुनिश्चित करें। श्री यादव ने कहा कि नहरों एवं माइनरों की सिल्ट सफाई नरेगा के पैसा से करायें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर-हाल में किसानों के खेत तक पानी पहुंचाने के जिल कटिबद्ध है। इसके लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जो भी जिलाधिकारी पैसा देने से मना करे उसकी सूचना तत्काल शासन को उपलब्ध करायें। श्री यादव ने कहा कि जो भी इंजीनियर नहरों/माइनरों की सिल्ट सफाई में लापरवाही दिखायेगा उसके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि अभियन्ता अपनी कार्यशैली में सुधार लायें वरना कड़ी कार्रवाई की जायेगी।


सिंचाई मंत्री आज सिंचाई विभाग के सभागार, लखनऊ, में प्रदेश के बाढ़, सूखे एंव विभागीय वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में समीक्षा कर रहे थे। श्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि भीषण गर्मी को देखते हुए सूखे से प्रभावित जनपदों में जानवरों तथा आम आदमियों के लिए पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जाये। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी से बात करकेे सभी आवश्यक सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। श्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाढ़ एवं सूखे से प्रभावित जनपदों को अभी से चिन्हित कर लिया जाये। उन्होंने कहा कि तालाबोें, जलाशयों को गहरा करें ताकि बारिस होने पर पर्याप्त पानी को स्टोर किया जा सके। इससे हमें सूखे की स्थित से निपटने में सहायता मिल सकेगी।


श्री यादव ने विभागीय अभियन्ताओं को आधुनिक तकनीकि के प्रयोग करने पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है तथा हम समय को देखते हुए बिना आधुनिक तकनीकि का प्रयोग किये बिना उनके साथ नहीं चल सकते हैं। श्री यादव ने कहा कि सभी अभियन्ता आधुनिक तकनीकि से बने कमाण्ड सेेंटर पर बैठकर हो रहे कार्यों की निगरानी करें तथा अधिक से अधिक ई-मेल तथा मैसेज का प्रयोग करें। उन्होंने सभी मुख्य अभियन्ताओं को कम से कम महीने में 10 दिन अवश्य फील्ड में जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जो भी प्रोजेक्ट अधूरे हैं उनमें तेजी लायें तथा अतिशीघ्र उसकी रिवाइज स्टीमेट बनाकर नाबार्ड को भेजें जिससे आवश्यक धनराशि की मांग की जा सके।


सिंचाई मंत्री ने कहा कि मलेशिया, हांगकांग तथा सिंगापुर की टीम ने गोमती पर कराये जा रहे कार्यों की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि विदेशों में जो रिवर फ्रन्ट पर काम 6 साल में हुए हैं उसे यहां 9 महीने में कराकर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित की जो उत्तर प्रदेश की इतिहासिक उपलब्धि है। श्री यादव ने कहा कि अब हम गोमती के साथ ही मथुरा-वृन्दावन की यमुना, अयोध्या की सरयू नदी का घाट, बनारस में वरूणा नदी पर भी रीवरफ्रन्ट काम करा रहे हैं तथा शीघ्र ही गंगा नदी पर भी काम कराने का प्रयास किया जायेगा।


प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल ने अभियन्ताओं को निर्देश दिये कि किसी भी काम को बिना वित्तीय स्वीकृति के न कराया जाये। उन्होंने कहा कि जो पैसा जिस काम के लिए स्वीकृत हुआ है उसी में खर्च होना चाहिए। श्री सिंघल ने निर्देेश दिये कि सभी कराये जा रहे कार्यों की वीडियोग्राफी भी अनिवार्य है तथा वीडियोग्राफी की सीडी शासन को अवश्य उपलब्ध करायी जाये। श्री सिंघल ने कहा कि यदि इसमें लापरवाही पायी गयी तो हर-हाल में कड़ी कार्रवाई की जायेगी।


बैठक में सचिव सिंचाई अनिल सागर, प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सीके वर्मा, प्रमुख अभियन्ता यांत्रिक एके गोयल, प्रमुख अभियन्ता परिकल्प एवं नियोजन सीडी राम, मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण अभियन्ता के साथ ही अधिशासी अभियन्ता भी उपस्थित थे।

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