Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

यूपी चुनाव: अतुल प्रधान को नहीं मिला टिकट, शिवपाल के करीबी अमित जानी का किया था विरोध

 Abhishek Tripathi |  2016-10-04 04:57:27.0

amit_janiतहलका न्यूज ब्यूरो
मेरठ. सपा नेता अतुल प्रधान करीब सात दिन पहले तक पश्चिमी यूपी में सपा का युवा चेहरा माने जाते थे। वहीं, अब उनको अपने ही टिकट का संकट झेलना पड़ रहा है। यूपी चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) में घमासान मचा हुआ है। ऐसे में सीट बंटवारे को लेकर बदलते समीकरण के बीच मेरठ की सरधना सीट से अतुल प्रधान से छीनकर टिकट पिंटू राणा को दे दिया गया है। अतुल प्रधान का टिकट कटने से सपा के अंदर काफी लोग चकित हैं। लोग इसको चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश के बीच में चल रहे शीतयुद्ध से जोड़कर भी देख रहे हैं। जबकि इसके एपिसोड में कुछ पुराने पन्ने भी जुड़े हैं।


पार्टी के सूत्रों की मानें तो 2012 तक विश्वविद्यालय और छात्र राजनीति के साथी रहे अमित जानी और अतुल प्रधान में उस समय मतभेद हो गए थे। जब अमित जानी ने लखनऊ में मायावती की मूर्ती तोड़कर यूपी की सियासत में हड़कंप मचा दिया था। मूर्ती तोड़ने के बाद जहां अमित जानी यूपी के युवाओं और सपा कार्यकर्ताओं की पहली पसंद बन गए। वहीं, अतुल प्रधान को लगा कि अमित जानी की मजबूती और सीएम अखिलेश यादव से जरुरत से अधिक बढ़ गयी नजदीकी से उसकी अपनी साख कम हो सकती है। अखिलेश ने अमित जानी को अधिक तरजीह दी तो अतुल ने अमित जानी की मुखालफत शुरू कर दी। 23 फरवरी 2014 को जंतर मंतर दिल्ली से शुरू हुई समाजवादी साइकिल यात्रा में भी सीएम अखिलेश ने अतुल को साइड करके अमित जानी को मंच पर अपने बराबर में जगह दी थी। जिससे अतुल जल भून गये थे।


सूत्रों की मानें तो सीएम अखिलेश अमित जानी को 2014 में ही सपा में युवजन सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना चाहते थे। लेकिन अतुल प्रधान खुलकर अमित जानी की विरोध में आ गए थे। अतुल प्रधान ने महीनो महीनो तक न सिर्फ अमित के खिलाफ सीएम के कानों को भरा बल्कि अमित जानी पर कई तरह के आरोप भी लगाए। आज जब यूपी में पार्टी की कमान शिवपाल यादव के हाथ में आयी तो अमित जानी की उनसे नजदीकियां बढ़ीं।

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top