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शिवाजी में सबको जोड़ने की चुम्बकीय शक्ति थी : राम नाइक

 Sabahat Vijeta |  2016-08-20 15:41:03.0

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लखनऊ विश्वविद्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण


शिवाजी ने राष्ट्रीय चेतना को नई चेतना देने का  काम किया है : राजनाथ सिंह


लखनऊ. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की अध्यक्षता में केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्य अतिथि के तौर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के मुख्य प्रांगण में छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर कुलपति डॉ. एस.बी. निमसे, प्रतिकुलपति प्रो. यू.सी. द्विवेदी सहित कई विश्वविद्यालय के कुलपतिगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व छात्र उपस्थित थे।


राज्यपाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज को विश्व के महान योद्धा के रूप में जाना जाता है। शिवाजी की कूटनीति अद्वितीय थी तथा वे वास्तव में कूटनीति के परिचायक थे। उनके दोनों सेना प्रमुख मुस्लिम समुदाय के थे। उन्होंने कहा कि शिवाजी में सबको जोड़ने की चुम्बकीय शक्ति थी।


श्री नाईक ने कहा कि शिवाजी सुशासन के पक्षधर थे। अपने आज्ञापत्र में उन्होंने अपने सैनिकों को निर्देशित किया था कि खेत-खलिहानों व नागरिकों का नुकसान नहीं होना चाहिये। सुशासन की दृष्टि से युद्ध में भी वे जनता के हित का ध्यान बारीकी से करते थे। युद्ध के बाद नजराने के तौर पर पेश की गई मुस्लिम महिला को उन्होंने सम्मानापूर्वक उसके घर भेजने का आदेश दिया। शिवाजी का खुफिया तंत्र भी काफी व्यापक था। पुत्र भी यदि गलती करे तो उसके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिये उन्होंने व्यवहारिक रूप से अपने पुत्र को कारावास देकर स्पष्ट किया। शिवाजी ने राष्ट्रहित में कभी परिवार का मोह नहीं किया। उन्होंने कहा कि जोखिम लेना शिवाजी की विशेषता थी।


राज्यपाल ने शिल्पकार उत्तम पचारणे की सराहना करते हुए कहा कि श्री पचारणे द्वारा बनाई गई शिवाजी की प्रतिमा वास्तव में उंगली की कला और हृदय के भाव की जीती जागती मिसाल है। लखनऊ आने वाले लोगों को लखनऊ की अन्य ऐतिहासिक धरोहरों के साथ शक्ति प्रदान करने वाला स्थान शिवाजी की प्रतिमा के रूप में मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब लखनऊ विश्वविद्यालय शताब्दी वर्ष की ओर जा रहा है ऐसे में शिवाजी की प्रतिमा राष्ट्रभक्ति की सत्त प्रेरणा देती रहेगी।


केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ राष्ट्र नायक ऐसे होते हैं जिनसे पूरा देश प्रेरणा प्राप्त करता है। छत्रपति शिवाजी भी ऐसे महापुरूष हैं जिनसे सभी को प्रेरणा मिलती है। शिवाजी ने राष्ट्रीय चेतना को नई चेतना देने का काम किया है। आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति शिवाजी की गहरी आस्था थी। बच्चों और महिलाओं के प्रति उनका आचरण अनुकरणीय है। उनकी सेना में हिन्दू और मुस्लिम दोनों थे, यदि वे संकुचित मन के होते तो मुस्लिम सैनिक न रखते थे। उन्होंने कहा कि शिवाजी से चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा मिलती है।


राजनाथ सिंह ने कहा कि हिन्दुस्तान एक था, एक है और एक रहेगा। राजनीतिक स्वार्थ के लिये धर्म और जाति के आधार पर लोगों को बांटना उचित नहीं है। सभी धर्मों को वसुधैव कुटुम्बकम के भाव से प्रेरणा लेकर भारत में इज्जत मिली है। उन्होंने कश्मीर के लोगों से अपील करते हुए कहा है कि सभी कश्मीरी हमारे भाई हैं और कश्मीर में शांति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान शांति और बातचीत से निकल सकता है।

कार्यक्रम में उत्तम पचारणे तथा कुलपति, लखनऊ विश्वविद्यालय डॉ.एस.बी. निमसे ने भी अपने विचार रखें।

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