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समाजवादी पेंशन योजना ने गरीब महिलाओं को दी आर्थिक आज़ादी

 Sabahat Vijeta |  2016-09-14 15:28:02.0

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  • मुख्यमंत्री ने ‘समाजवादी पेंशन योजना’ को और अधिक व्यापक बनाने का निर्णय लिया

  • योजना से वंचित ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के गरीब पात्र लाभार्थी परिवारों को चिन्हित करने के निर्देश

  • योजना में परिवार की महिला मुखिया को प्राथमिकता देने से प्रदेश की गरीब महिलाओं को आर्थिक आजादी मिली है


लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ‘समाजवादी पेंशन योजना’ को और अधिक व्यापक बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के ऐसे गरीब पात्र लाभार्थी परिवारों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं, जिनके पास आय के उपयुक्त साधन नहीं हैं और इस योजना से आच्छादित नहीं हैं। ऐसे चिन्हांकित पात्र जरूरतमन्द परिवारों को समाजवादी पेंशन योजना का लाभ दिया जाएगा।


यह जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि शासन द्वारा इस सम्बन्ध में परिपत्र संख्या 2266 दिनांक 9 सितम्बर, 2016 जारी करते हुए सभी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों से नये पात्र जरूरतमन्दों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे लोगों का चिन्हांकन करने के लिए समय-समय पर जारी पात्रता सम्बन्धी शासनादेशों में उल्लिखित मानकों/दिशा-निर्देशों के अनुरूप चिन्हांकन की कार्रवाई की जाएगी।


ज्ञातव्य है कि प्रदेश के गरीब परिवारों, जिनके पास आय के उपयुक्त साधन उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें जीवन-यापन के साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक उन्नयन के उद्देश्य से वर्तमान राज्य सरकार ने वर्ष 2014-15 से समाजवादी पेंशन योजना की शुरूआत की थी। चालू वित्तीय वर्ष में 55 लाख लाभार्थी परिवारों को योजना के तहत आच्छादित करने का निर्णय लिया गया, जबकि गत वर्ष 45 लाख लाभार्थियों को समाजवादी पेंशन योजना का लाभ मिल रहा था। इस योजना में परिवार की महिला मुखिया को प्राथमिकता दी जा रही है।


मुख्यमंत्री ने अब ऐसे गरीब परिवारों को भी इस योजना के तहत लाभान्वित कराने के लिए चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं, जो केन्द्र या राज्य सरकार की किसी पेंशन योजना के तहत आच्छादित नहीं हैं। भ्रष्टाचार रहित इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पेंशन की धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में प्रेषित की जाती है। इस योजना में परिवार की महिला मुखिया को प्राथमिकता देने से प्रदेश की गरीब महिलाओं को आर्थिक आजादी मिली है। साथ ही, उनकी गरिमा और सम्मान में वृद्धि भी हुई है।


प्रवक्ता ने बताया कि साक्षरता, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के कतिपय मानकों को पूर्ण करने पर सहायता राशि में प्रति वर्ष 50 रुपए की वृद्धि करते हुए अधिकतम 750 रुपए प्रति माह पर निर्धारित होने वाली देश की सबसे बड़ी पेंशन योजना के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष 3,327 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस योजना के तहत शेष बचे पात्र लाभार्थियों को आच्छादित करने के लिए नयी पहल की है। इससे अभी तक केन्द्र या राज्य सरकार की पेंशन योजना से वंचित गरीब परिवारों को आर्थिक मदद मिलेगी।

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