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थमेगा समाजवादीपार्टी का विवाद, अखिलेश के नेतृत्व में ही लड़ेंगे चुनाव !

 shabahat |  2017-01-05 12:20:19.0



तहलका न्यूज़ ब्यूरो
लखनऊ. गुरुवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग पर अखिलेश यादव से मिलने जब पार्टी के विधायक पहुंचे तब इस बात के पुख्ता संकेत मिले कि समाजवादी पार्टी में चल रहा घमासान बहुत जल्दी ख़त्म हो जायेगा और अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी विधानसभा चुनाव लड़ेगी.

अखिलेश यादव द्वारा बुलाई गयी इस बैठक में 220 विधायको और 60 विधानपरिषद सदस्यों ने अपना हलफनामा सौंप दिया. इस बैठक में पहुंचे सभी लोगो को पहले से तैयार हलफनामा दिया गया जिसपर सबने दस्तखत कर दिए. पार्टी के सिम्बल पर दावे के लिए चुनाव आयोग ने सभी गुटों से हलफनामा माँगा था. शिवपाल गुट माने जाने वाले कई विधायक और MLC अखिलेश यादव की बुलाई बैठक में पहुंचे थे. शिवपाल यादव के करीबी माने जाने वाले विधान परिषद् सदस्य और लालू यादव के समधी जितेन्द्र यादव भी इसमें शामिल हुए.

बैठक में शामिल सूत्रों की माने तो अखिलेश यादव ने सभी विधायको को टिकट का आश्वासन दिया और साफ़ कहा कि हम सिर्फ 3-4 महीने तक ही पार्टी की कमान सम्हालेंगे और विधानसभा चुनावों के बाद नेता जी जैसा कहेंगे वैसा ही करेंगे. अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि अबकी बार नेताजी मुलायम सिंह यादव दिल्ली से आयेंगे तो हम ख़ुद लखनऊ एयरपोर्ट पर उनको रिसीव करने जायेंगे.

अखिलेश ने कहा, मैं तो चाहता था कि सब लोग मिलकर चुनाव लड़ें, नेताजी पर हम लोगों को पूरा विश्वास है. मैंने भी पांच साल मेहनत की , प्रदेश को आगे बढ़ाया है. आप लोग बस मुझे तीन महीने दे दीजिए और अपने हिसाब से चुनाव लड़ने दीजिए, उसके बाद चुनाव जीत कर आऊंगा. उसके बाद जो पद नेताजी मांगेगे कुर्बान कर दूंगा.

अखिलेश ने कहा कि नेताजी से सुबह ही मिलना चाहता था, पर मेरे तैयार होने से पहले ही वह दिल्ली के लिए निकल गए. आजम खान ने कहा , भई मैंने तो आपका काम आसान कर दिया ऊपर वाले ने भी साथ दिया. जब विधायकों ने पूछा कि क्या कोई सुलह की कोई राह नहीं है, तो सीएम ने पास बैठे गायत्री प्रजापति की ओर देखते हुए कहा कि अब तो यही प्रयास करें, यही नेताजी को समझाएं.

अखिलेश यादव की इन बातो से साफ़ है कि हर मोर्चे पर बढ़त लेने के बाद भी वे मुलायम सिंह के खिलाफ नहीं जाना चाहते और वे पार्टी के एक बने रहने के पक्ष में हैं.

अब इस बात की पूरी संभावना है कि यह विवाद सुलझने के बाद समाजवादी पार्टी कांग्रेस से अपने गठबंधन की घोषणा अगले 2 दिनों में कर देगी. सूत्रों के अनुसार इस सिलसिले में राहुल गाँधी और अखिलेश यादव की बातचीत अपने अंजाम तक पहुँच चुकी है. इस बीच चुनाव आयोग ने भी सिम्बल के मामले में 9 जनवरी तक इन्तजार करने को कह दिया है.

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