Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

सपा के कद्दावर मंत्री पर एक आदमी को जिंदा जलाने का आरोप

 Tahlka News |  2016-04-07 17:11:12.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
बाराबंकी, 7 अप्रैल. सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लगातार पुलिस महकमे के सुधर जाने की बात करते रहते हैं, लेकिन पुलिस सुधरने का नाम नहीं ले रही है। बाराबंकी में गुरुवार को एक व्यक्ति को पुलिस की मौजूदगी में दबंगों द्वारा जिन्दा जलाने के मामले बाराबंकी में सामने आया है। पीड़ित ने पुलिस पर आरोप लगाने के साथ-साथ यूपी सरकार के कद्दावर कबीना मंत्री और उनके जिला पंचायत अध्यक्ष भाई की दबंगो को शह देने का भी आरोप लगाया है।


मामला बाराबंकी जिले के कोतवाली हैदरगढ़ क्षेत्र के क़स्बा हैदरगढ़ का है। यहां रहने वाले यासीन को आज दबंगों ने जिन्दा जला दिया। करीब 70 फीसदी जलकर जिला चिकित्सालय आए यासीन ने जो कुछ बताया वह हैरान कर देने वाला था। पीड़ित यासीन की अगर माने तो उसके रिश्तेदार काफी दबंग किस्म के हैं और वह प्रदेश सरकार के मन्त्री अरविन्द सिंह गोप और उनके जिला पंचायत अध्यक्ष भाई के काफी करीबी है और आज उन्ही दबंगों ने उस पर तेल डाल कर उस वक्त जलाया जब वहां पुलिस मौजूद थी।


पुलिस के सामने हुआ सब कुछ
पीड़ित यासीन ने बताया कि आज जब दबंग पुलिस के साथ ज़मीन को खाली कराने पहुंची तो भारी पुलिस बल को देखकर पहले वह डरकर भाग खड़ा हुआ, लेकिन जब पुलिस ने उसकी माँ हबीबुल को पकड़ कर अभद्रता शुरू की तो वह कुछ दूरी पर छिप कर अपनी माँ को देखने लगा। तभी दबंग इस्माईल, मोबीन और लोले की नज़र यासीन पर पड़ी और उन लोगों ने यासीन को पकड़ कर उस पर तेल डाल कर उसे आग के हवाले कर दिया। यासीन के मुताबिक वह जल रहा था और पुलिस मूकदर्शक बनी तमाशा देख रही थी।


जमीन का है विवाद
यासीन ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के ग्राम विकास मंत्री अरविन्द सिंह गोप और उनके बड़े भाई और बाराबंकी से जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक सिंह की शह पर दबंगो ने उसे जलाया है। यासीन के मुताबिक दबंगों का उससे ज़मीन का विवाद चल रहा था। मंत्री और उनके भाई लगातार उस पर दबंगों को ज़मीन देने का दबाव बना रहे थे और इस बात की फरियाद लेकर मंत्री और उनके भाई से उनके घर उसकी माँ गयी तो वहां मन्त्री और उनके भाई ने उल्टा उससे ही आधी ज़मीन दबंगों को दे देने का दबाव बनाया।


क्या कहती है पुलिस
अपर पुलिस अधीक्षक सफीक अहमद ने पीड़ित के आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हुए बताया कि पीड़ित ने खुद अपने हाथों से स्वयं अपने ऊपर तेल डाल कर आग लगायी है। पुलिस एक आदेश के तहत कार्यवाई के लिए गयी थी और सरकारी काम में व्यवधान डालने के उद्देश्य से यासीन ने खुद आग लगायी है। पुलिस ने यासीन और उसके परिवार पर सरकारी काम में बाधा पहुँचाने का मुकदमा पंजीकृत किया है। मगर पुलिस की यह दलील तब बौनी साबित हो जाती है जब पीड़ित ने यह बताया कि उसके घर पुलिस तो आई थी, लेकिन तहसील का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था।

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Top