Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

ये हैं सपा के फर्जी मंत्री, इनके दादा कह चुके हैंं मुलायम को बुरा-भला

 Abhishek Tripathi |  2016-05-20 16:08:56.0

shayan-rashidतहलका न्यूज ब्यूरो
सहारनपुर. सपा सरकार ने अभी हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रशीद मसूद के पोते शायान मसूद को दुग्ध संघ का सलाहकार मनोनीत किया था। इस पद के मिलते ही मसूद के परिवार ने घर की पांच गाडि़यों में लाल बत्ती लगा दी। इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलने की झूठी अफवाह भी फैला दी। वहीं, शुक्रवार को यूपी शासन की ओर से भेजे गए एक फैक्स से पूरी स्थिति स्पष्ट हो गई। फैक्स में बताया गया कि शायान को सलाहकार नियुक्त किया गया है न कि राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है। झूठ के सामने आते ही जिले के नवाबगंज चौराहे पर पुलिस ने शायान की गाड़ी से लालबत्ती उतार ली। मामले में सपा प्रदेश कार्यकारिणी के विशेष आमंत्रित सदस्य इसरार चौधरी ने कहा कि झूठ की नाव बहुत दिनों तक नहीं चलती।


पूरे शहर में लगा दिया विवादित पोस्टर
वहीं, 21 मई को शायान मसूद की ओर से सहारनपुर में एक बड़ा आयोजन भी है। आयोजन में लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, इसके लिए फर्जी पोस्टरों से पूरे शहर को पाट भी दिया गया है। पोस्टर में लिखा गया है कि 'काजी शायान मसूद के पहली बार राज्यमंत्री बनने के अवसर पर शहर में उनका स्वागत समारोह किया जा रहा है। उनके अभिवादन के लिए जल्लोस के रूप में मंडी समिति से चिलकाना रोड जैन बाग, राय वाला से देहरादून चौक होते हुए PWD गेस्ट हाउस तक एक रैली निकाली जाएगी। इसमें सभी लोग हिस्सा लेकर इस पल को यादगार और ऐतिहासिक बनाएं। सहारनपुर के सपा मीडिया प्रभारी ईशान अहमद अंसारी की ओर से ये जानकारी दी गई।


विवादित पोस्टर की खासियत
सहारनपुर शहर में लगाए गए विवादित पोस्टर में मौलाना बुखारी के दामाद उमर, सपा नेता, मिंटू वालिया और जिले के मीडिया प्रभारी इरशाद चौधरी की भी फोटो लगी है। इसका मतलब साफ है कि इन लोगों को भी पूरे मामले की जानकारी है, लेकिन किसी ने कोई श्किायत नहीं की।


मुलायम में फैसला करने की कूवत नहीं: रशीद मसूद
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रह चुके रशीद मसूद ने बगावती तेवर अख्तियार करते हुए सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव पर आरोप लगाया था कि उनमें अब फैसला करने की कूवत नहीं रही। उन्होंने कहा था कि 'मैं सपा की भलाई चाहता हूं, लेकिन मेरी कोई नहीं सुन रहा। नेता जी (मुलायम) में अब फैसला करने की कूवत नहीं रही। जहां तक मुझे जानकारी है कि वे बीमार हैं और पार्टी में निर्णय खुद नहीं ले रहे।'

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Top