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उफनाई सोनभद्र की नदियाँ,रिहंद,धंधरौल,नगवां,ओबरा,डैम के खोले गए फाटक

 Vikas Tiwari |  2016-08-19 10:58:15.0

 नदियाँसंजय द्विवेदी,

सोनभद्र. सोनभद्र जनपद में हो रही लगातार वारिश से नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही है नतीजतन जिलाप्रशासन ने रिहन्द ,धधरौल,ओबरा डैम के फाटक खोले दिया है। बताते चले की सोनभद्र जनपदलगातार दो दिनों से हो रहे बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है । गाँवों मे बाढ़ के पानी से मकान गिरने से बेहाल लोग अपने आशियानों को छोड़ पलायन करने को मजबूर हो गए है। सबसे अधिक नुकसान किसानों का हुआ है अधिकतर धान की फसले पानी के कारण नष्ट हो गयी है तो वही टमाटर की लगी पूरी फसक गल गयी है जिससे आने वाले समयो में किसानों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।


जनपद के रिहंद डैम क्षमता 265•18 मीटर ,जो अधिकतम क्षमता से ऊपर बहाने के कारण आज 5 फाटक खोलकर लगभग 15000 क्यूसेक पानी छोड़ने का जिलाधिकारी ने आदेश दिया है।  नगवाँ डैम की क्षमता  354•07 मीटर, धंधरौल डैम 317•90 मीटर, सिलहट डैम 260•05 मीटर, है जिसमे अपने क्षमता से अधिक पानी होने के कारण धनरौल के सभी फाटक खोल दिए गए है जिसके कारण डूब क्षेत्र के गाँवों में पानी घुस गया है लोग घरो से पलायन करने को मजबूर  हो गए है।

ओबरा डैम 193•24 मीटर, व सोन नदी 171 मीटर, कनहर नदी 185 मीटर, सभी अपनी क्षमता से अधिक चलने के कारण जिला प्रशासन ने सभी डैम के फाटक पूरी क्षमता के साथ खोल दिए है । केवल रिहंद डैम का एक ही फाटक खोला गया है। रिहंद डैम से आज 15000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जायेगा । जिला प्रशासन ने बताया की 2011 के बाद इस वर्ष पुरा डैम भरा है। हलाकि जिलाधिकारी ने बाढ़ से बचने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है नीचले क्षेत्रो में बसे गाँव के लोगो को पहले ही है अलर्ट कर दिया गया था और गाँव छोड़कर किसी महफूज जगह पर जाने के लिए कहा गया था।लेकिन बाढ़ के कहर के आगे किसी की नही चलती यही करण है की जनपद में सैकड़ो घरो में पानी घुसने के कारण पचासो कच्चे माकन धरासाई हो गए है तो आधे दर्जन से अधिक लोग घायल भी हुए है ख़ुशी की खबर यह है की अभी तक किसी के हताहत या बहने की कोई अप्रिय खबर नही आई है।

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