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विकास के एजेण्डे में समीक्षा की नई व्यवस्था

 Sabahat Vijeta |  2016-05-05 15:48:22.0


  • उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2015-16 तथा 2016-17 के लिए लागू किए गए विकास एजेण्डे के जनपद एवं मण्डल स्तर पर किए गए कार्यान्वयन की समीक्षा की नई व्यवस्था लागू करने का फैसला 

  • जनपदों द्वारा वेबसाइट पर अपलोड की गई प्रगति के सन्दर्भ में जारी शासनादेश में दी गई व्यवस्था में संशोधन करते हुए अब नई व्यवस्था लागू

  • नई व्यवस्था के सम्बन्ध में मुख्य सचिव द्वारा सभी प्रमुख सचिव, सचिव, मण्डलायुक्त तथा जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए


up govलखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2015-16 तथा 2016-17 के लिए लागू किए गए विकास एजेण्डे के जनपद एवं मण्डल स्तर पर किए गए कार्यान्वयन की समीक्षा के सम्बन्ध में नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है। यह जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि शासन के सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले चिन्हित 49 कार्यक्रमों के समयबद्ध कार्यान्वयन हेतु एजेण्डा बिन्दु निर्धारित कर मण्डल एवं जनपद स्तर पर कार्यान्वयन एवं समीक्षा हेतु प्रेषित किए गए हैं।


प्रवक्ता ने कहा कि नई व्यवस्था के सम्बन्ध में मुख्य सचिव आलोक रंजन द्वारा सभी प्रमुख सचिव, सचिव, मण्डलायुक्त तथा जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नई व्यवस्था के अनुसार अब जिलाधिकारी प्रत्येक माह की 14 तारीख को सायं 5 बजे तक कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों के लिंक पर, प्रगति रिपोर्ट अपलोड कराना सुनिश्चित करेंगे तत्पश्चात वेबसाइट लाॅक कर दी जाएगी। प्रत्येक माह की 14 तारीख के उपरान्त, अगले 5 दिनों में जनपद एवं मण्डल स्तर पर संचालित कार्यक्रमों की जनपदों से वेबसाइट पर अपलोड की गई प्रगति का सम्बन्धित प्रशासकीय विभाग के प्रमुख सचिव/सचिव द्वारा सत्यापन किया जाएगा। यदि जनपदों द्वारा अपलोड की गई प्रगति में विभाग को किसी प्रकार की ओवर रिपोर्टिंग अथवा कम प्रगति परिलक्षित प्रतीत होती है और यदि सम्बन्धित प्रशासकीय विभाग प्रगति में संशोधन करना चाहते हैं, तो सम्बन्धित प्रशासकीय विभाग द्वारा वेबसाइट पर प्रगति में संशोधन किया जा सकता है।


प्रवक्ता ने बताया कि प्रशासकीय विभाग द्वारा लाॅग-इन करने के पश्चात खुलने वाली विण्डो पर प्रशासकीय विभाग से सम्बन्धित समस्त कार्यक्रमों का सत्यापन किया जा सकता है। सत्यापन से पूर्व संशोधित आंकड़ा/प्रगति की पुष्टि प्रशासकीय विभाग द्वारा अवश्य कर ली जाए।


प्रवक्ता ने कहा कि प्रशासकीय विभाग द्वारा जनपदों की प्रगति में ओवर रिपोर्टिंग, कम प्रगति अथवा भिन्नता पाए जाने पर सम्बन्धित जनपद के अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाएगा। प्रशासकीय विभाग के सत्यापन के उपरान्त जिलाधिकारी वेबसाइट पर उपलब्ध संशोधित प्रगति रिपोर्ट को देखेंगे परन्तु प्रशासकीय विभाग द्वारा किए गए संशोधन में किसी प्रकार का बदलाव नहीं कर सकेंगे।


प्रशासकीय विभाग द्वारा संशोधित की गई प्रगति से असहमत होने पर जिलाधिकारी द्वारा सम्बन्धित प्रशासकीय विभाग से पत्राचार किया जाएगा। यदि प्रशासकीय विभाग जिलाधिकारी के विचार से सहमत हैं तो आगामी माह की प्रगति में उसे संशोधित करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।


प्रवक्ता ने कहा कि इस प्रक्रिया के उपरान्त शासन द्वारा प्रत्येक माह की 20 तारीख को सायं 5 बजे के बाद वेबसाइट को लाॅक कर दिया जाएगा। शासनादेश दिनांक 31 मार्च, 2015 में अंकित शेष निर्देश यथावत रहेंगे।

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