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RETURN of AMAR SINGH : मुलायम को यूँ ही नहीं खलती थी कमी

 Tahlka News |  2016-06-12 10:43:34.0

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उत्कर्ष सिन्हा

लखनऊ. राज्य सभा चुनाव जीतने के बाद रविवार को सियासत के बाजीगर अमर सिंह ने लखनऊ में जिस तरह से प्रेस कांफ्रेंस की उससे यह साफ़ जाहिर हुआ कि आखिर सपा सुप्रीमो को बीते चार सालो तक अमर सिंह की याद आखिर क्यों आती रही.

अब राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद के बतौर पहचाने जाने के बाद पार्टी मुख्यालय में अमर सिंह अपने पुरख़ुलूस और स्वाभाविक अंदाज में दिखे. मथुरा मामले में वरिष्ठ समाजवादी नेता शिवपाल सिंह यादव और पार्टी का जोरदार तरीके से बचाव करते हुए अमर सिंह ने भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को ही कटघरे में खड़ा कर दिया.


धर्म और राजनीती के घालमेल पर बोलते हुए अमर सिंह ने अपनी चिर परिचित शैली में भाजपा को नसीहत देते हुए कहा- “ देखो ओ दीवानों ऐसा काम न करो, राम का नाम बदनाम न करो”

NSG पर श्रेय लेने कि कोशिश में लगे प्रधान मंत्री मोदी को भी अमर सिंह ने आड़े हांथो लिया. अमर सिंह ने बाकायदा स्क्रीन पर पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह का इंटरव्यू दिखाते हुए साबित किया कि दरअसल यह मुलायम सिंह की पहल थी जिसका तब बिपक्ष में रही भाजपा ने सदन में भरपूर विरोध किया था.
अमर सिंह ने वायस माड्यूलेषन का भी खूब इस्तेमाल किया. कभी नीची तो कभी अचानक तेज होती आवाज से उन्होंने मुद्दों को धार देने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

सियासत की पिच पर बैटिंग करते हुए अमर सिंह ने न तो भाजपा नेताओं को बक्शा और न ही द्वारिका पीठ के शंकराचार्य को.

अमर सिंह ने कहा कि शंकराचार्य ने अपनी गरिमा गिराई है. एक जाति “यादव” पर उनकी टिप्पणी से स्वयं भगवान् कृष्ण भी आहात हो गए होंगे. अमर सिंह ने तंजिया लहजे में कहा – स्वरूपानंद द्वारिका पीठ के शंकराचार्य हैं, यह द्वारिका तो यदुकुल शिरोमणि कृष्ण की जगह है ऐसे में शंकराचार्य ने सम्पूर्ण यादव जाति का जिस तरह से अपमान किया है वह कृष्ण भी नापसंद करेंगे.

मथुरा मामले पर सांसद हेमा मालिनी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा – हेमा मेरी मित्र है और उनके पति धर्मेन्द्र भी मेरे दोस्त हैं. मैं हेमा मालिनी को प्यार करता हूँ. घटना के वक्त वह शूटिंग कर रही थी और अपनी प्यारी प्यारी तस्वीरे पोस्ट कर रही थी. उन्हें कुछ पता ही नहीं था.
इसके बाद हेमा पर अमर सिंह हमलावर हो गए और कहा- “ क्या बतौर सांसद हेमा मालिनी ने कोई ऐसा पत्र सरकार को लिखा जिसमे मथुरा के गंभीर हालत का जिक्र था?

इसके बाद तो अमर सिंह आक्रामक हो गए. उन्होंने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जब भाजपा शासित राज्यों में बड़ी घटनाये होती हैं तब सीएम का इस्तीफ़ा नहीं माँगा जाता. उसे दुर्घटना बता दिया जाता है.

अमर सिंह ने कहा – छतीसगढ़ में नक्सलियों ने एक साथ तमाम बड़े राजनेताओं की हत्या की तब रमण सिंह से इस्तीफा नहीं माँगा गया, हरियाणा में माँ बहनों से बलात्कार ने खट्टर सरकार का खट्टापन उजागर किया मगर उनसे इस्तीफा नहीं माँगा गया. व्यापम मामले में इतनी हत्याए हुयी मगर शिवराज से इस्तीफा नहीं माँगा गया.

जिस तरह से अमर सिंह ने रविवार को यूपी की सपा सरकार को बचाते हुए तोप का मुंह भाजपा की तरफ मोड़ा उसकी कमी समाजवादी पार्टी को लम्बे समय से खल रही थी.

जाहिर है चुनावी साल में अमर सिंह और मुखर हो कर सामने आयेंगे. अब तक मुलायम के दिल में ही रहने वाले अमर सिंह आखिर अब फिर से पार्टी के सांसद बन गए हैं.

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