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संविधान से मिले अधिकार का प्रयोग ज़रूर करेंगे राम नाइक

 Sabahat Vijeta |  2016-03-26 14:36:02.0

तहलका न्यूज़ ब्यूरो


ram-naikकानपुर, 26 मार्च. राज्यपाल राम नाइक ने यूपी सरकार से दो टूक कह दिया है कि संविधान ने उन्हें जो अधिकार दिया है वह उसका इस्तेमाल ज़रूर करेंगे और यह देखेंगे कि विधानसभा और विधानपरिषद संविधान के नियमों के तहत काम कर रही हैं या नहीं.


उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज फिर कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी है कि विधानसभा, विधानपरिषद और सरकार के कामकाज की निगरानी करें. उन्होंने कहा कि वह अपना यह काम बखूबी कर रहे हैं. कानपुर में आज राज्यपाल ने यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री आजम खां पर एक बार फिर पलटवार किया और कहा कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मंगाकर वह सीडी देखी है जिसमे आज़म खां उन पर टिप्पणी कर रहे हैं.


राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय को भी राजभवन बुलाया है ताकि वह उनकी शंकाओं का समाधान भी कर दें. उन्होंने कहा कि वह विधानसभा अध्यक्ष को बताएंगे कि आखिर मेयरों से जुड़ा विधेयक उन्होंने क्यों रोका है?


राज्यपाल ने संविधान के 74वें संशोधन का हवाला देते हुए विधेयक को हरी झंडी न देने की बात कही है.


राज्यपाल से जब आज़म खां और 17 विधायकों के स्टडी टूर पर जाने के मुद्दे पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विधायकों और राजनीतिज्ञों को स्टडी टूर पर जाना चाहिए. यह उनका निर्णय है. उन्होंने कहा कि विधानसभा और विधानपरिषद को अपना निर्णय करने का पूरा अधिकार है. साथ ही उन्होंने व्यंग्य किया कि स्टडी टूर पर पत्रकार चाहें तो वह भी जा सकते हैं.




राज्यपाल ने आज फिर आज़म की योग्यता पर सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से ज़रूर बात करेंगे. उन्होंने कहा कि संविधान तीन स्तंभों विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका पर टिका है. एक-दूसरे पर यह सब निर्भर हैं. विधायिका का काम संविधान के तहत काम करना है. इसके लिए नियम हैं. और यह काम गरिमा के साथ ही हो सकता है. उन्होंने कहा कि आज़म खां ने जिस तरह की टिप्पणी 8 मार्च को यूपी विधानसभा में की वह किसी भी सूरत में गरिमा के अनुकूल नहीं थी.



राज्यपाल आज़म खां की टिप्पणी के अलावा विधानसभा अध्यक्ष की मेयरों वाले विधेयक को लेकर की गई टिप्पणी से बहुत नाराज़ हैं. उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष 8 मार्च से अब तक उनसे मिलने नहीं आए हैं. वह जब आएंगे तो उनको बता दूंगा कि कैसे औऱ क्यों मैंने विधेयक रोक रखा है. राज्यपाल ने कहा कि उन्हें अपना काम करना आता है. संविधान ने मुझे जो अधिकार दिया है. मैं उसका प्रयोग कर रहा हूँ. देखूँगा कि विधानसभा और विधानपरिषद संविधान के अनुसार काम कर रही है या नहीं.

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