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राजबब्बर, मिस्त्री, पुनिया, निर्मल खत्री और रीता बहुगुणा अदालत में तलब

 Sabahat Vijeta |  2016-06-02 14:35:46.0

congressतहलका न्यूज़ ब्यूरो


लखनऊ. राजधानी लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान से 17 अगस्त 2015 को निकलकर सड़क पर आकर प्रदर्शन करने और उस प्रदर्शन में एस पी सिटी पूर्वी राजीव मल्होत्रा, एसीएम प्रथम विनोद कुमार, एडीएम पूर्वी निधि श्रीवास्तव, कई पुलिस कर्मी और तमाम नागरिकों को घायल करने के इलज़ाम में पूर्व सांसद राज बब्बर, उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी मधुसुदन मिस्त्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री, सांसद पीएल पुनिया, डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, सांसद प्रमोद तिवारी और पूर्व मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को 6 जुलाई को लखनऊ के जिला जज ने अपनी अदालत में तलब किया है. सामाजिक कार्यकर्त्ता प्रताप चन्द्रा की अर्जी पर सुनवाई करते हुए जिला जज वीरेन्द्र त्यागी ने इन नेताओं को सम्मन जारी किया है.


प्रताप चन्द्रा ने कांग्रेस नेताओं द्वारा शहर में जाम लगाने, स्कूली बच्चों और एम्बूलेंस का रास्ता बंद करने और कानून व्यवस्था दुरुस्त करने में लगे अधिकारियों पर हमला करने के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की थी लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई. वह अदालत गए और जिला जज ने उनकी याचिका को स्वीकार करते हुए नेताओं को अपनी अदालत में तलब कर लिया.


prtap chandraप्रताप चन्द्रा ने कहा कि संविधान ने नागरिकों को सुरक्षा की गारंटी प्रदान की है लेकिन तमाम पार्टियाँ अक्सर अपने चुनाव-चिन्हों को प्रचारित करने के लिए शहर को जाम कर देते हैं और पार्टी कार्यकर्ता दहशत फैलाते हैं. जिससे तमाम स्कूली बच्चे, मरीज परेशान होते हैं और नागरिकों के अन्य काम भी प्रभावित होते हैं. लोकतंत्र में बात कहने के तमाम स्थान और फोरम बने हैं, विधायक और सांसद अपने सदनों में जनहित के मुद्दे उठायें, संगठन धरना स्थलों से अपनी बात कहें, न कि नागरिकों को परेशान करें.


उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब में संवादाताओं से मुखातिब सामाजिक कार्यकर्ता प्रताप चन्द्रा ने कहा कि ऐसे प्रदर्शन न सिर्फ संविधान का उल्लंघन हैं बल्कि घोर अपराध भी हैं. अदालत का यह आदेश नागरिक हित में है. जब-जब पार्टियाँ नागरिकों को परेशान करें तब-तब नागरिकों को इनके ऊपर कार्यवाही करना चाहिये.


समाजसेवी आलोक सिंह ने कहा कि विधायक रीता बहुगुणा जोशी, सांसद प्रमोद तिवारी व पी. एल. पुनिया जनता के पैसे से तनख्वाह लेकर पार्टी के प्रदर्शन में कैसे शामिल हो सकते हैं, सरकारी तनख्वाह लेकर पुलिस व नागरिकों पर हमला करने के लिए कैसे उकसा सकते हैं पर इन्होने यही किया.

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