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राहुल की ‘खाट पर चर्चा’ केे लिए दिल्ली से देवरिया पहुंची 1500 चारपाई

 Girish Tiwari |  2016-09-05 04:47:11.0

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तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
देवरिया: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की किसान महायात्रा मंगलवार से शुरु होगी। राहुल गांधी की इस महायात्रा के दौरान किसानों के साथ ‘खाट पर चर्चा’ करेंगे। खाट पर चर्चा के दौरान राहुल चारपाई पर बैठकर किसानों के साथ चर्चा करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे।


खाट पर चर्चा के लिए दिल्ली से तीन ट्रकों में भरकर खाटें मंगाई गई है, जिनकी संख्या 1500 बताई जा रही है। इसके अलावे पांच सौ छोटे-छोटे टेवल (मुड़ा) भी दिल्ली से मंगाए गए हैं। कांग्रेस के युवराज इन्हीं खाटों और मुड़ा पर बैठ कर किसानों के साथ चर्चा करेंगे।


बता दें कि लोक सभा चुनावों के दौरान नरेन्द्र मोदी के ‘चाय पर चर्चा’ के जवाब में चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ‘खाट पर चर्चा’ का कांसेप्ट लेकर आए हैं।


https://twitter.com/OfficeOfRG/status/771952839685963776

राहुल ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘छह सितंबर से शुरू हो रही मेरी दिल्ली से लेकर देवरिया तक की यात्रा गरीबों, किसानों और सरकारी संसाधनों के श्रमिकों के अधिकारों को सुरक्षित रखने का अभियान है.’’


बताते चले कि 2,500 किलोमीटर लंबी इस महायात्रा की शुरूआत छह सितंबर को रूद्रपुर के पंचलारी कृतपुरा गांव से करेंगे। करीब महीने भर चलने वाली राहुल की यह यात्रा अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले होने वाली है।


राहुल ने यात्रा के पहले दिन के अपने कार्यक्रम के बारे में भी ट्वीट किया। यात्रा के पहले दिन वह रूद्रपुर में घर-घर जाकर लोगों से मिलेंगे, ‘किसान मांगपत्र’ इकट्ठा करेंगे और ‘खाट सभा’ में किसानों से मुखातिब होंगे। कांग्रेस उपाध्यक्ष देवरिया में एक रोडशो करेंगे और कंचनपुर गांव में भी किसानों से मिलेंगे। वह कसिया में भी ‘खाट सभा’ करेंगे।

इसी तरह यात्रा के दूसरे दिन सात सितंबर को राहुल गोरखपुर पहुंचेंगे। गोरखपुर में राहुल रोड शो करेंगे तो शेष दो 'खाट सभाओं' के साथ-साथ जनसभाएं भी आयोजित करेंगे।

छह सितंबर से मिशन उप्र पर निकलने वाले राहुल गांधी महायात्रा के दौरान गांवों से गुजरते वक्त ग्रामीण मतदाताओं के साथ खाट पर बैठकर बातचीत करेंगे।

चर्चा यह भी है कि मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने का जवाब देने के लिए कांग्रेस राहुल को अयोध्या ले जाकर रामलला के दर्शन कराने की भी योजना बन रही है। लेकिन पार्टी में दो राय होने की वजह से यह फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ दिया गया है।

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