Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

आजमगढ़: हाई सिक्योरिटी जेल में भेजे गए पुराने कैदी

 Tahlka News |  2016-05-08 15:21:33.0

a1तहलका न्यूज़ ब्यूरो
आजमगढ़. आधुनिक सुविधाओं से लैस गाजीपुर-आजमगढ़ रोड पर स्थित इटौरा के नव निर्मित जेल में रविवार की सुबह बंदियों को शिफ्ट करने की कवायद शुरू हुई और दोपहर से पहले पूरी कर ली गई। इस काम को प्रशासन द्वारा पूरी तरह गोपनीय रखा गया। अभिलेख, खाद्यान आदि शनिवार को ही पुरानी जेल से नई जेल में भेज दिया गया था।


अपराध पर लगेगी लगाम
बंदियों के नई जेल में शिफ्ट होने के बाद जेल के भीतर से संचालित होने वाले संगठित अपराध पर लगाम लगने की उम्मीद है। इसका कारण ये है कि नई जेल में मोबाइल आदि छिपाकर रखना इतना आसान नहीं होगा।


पुरानी जेल में होते थे अपराध
बता दें कि शहर के नगरपालिका के पास अंग्रेजों के समय बने की जेल की हालत काफी जर्जर हो गई थी। इस जेल में कैदियों को रखने की क्षमता भी 350 के आसपास थी। वहीं, यहां हमेशा 800 से 1000 होते थे। इससे बंदियों के साथ ही जेल प्रशासन को भी भारी फजीहत झेलनी पड़ती थी। ऐसे में दीवार आदि जर्जर होने के कारण बंदियों को मोबाइल आदि छिपाकर रखने में भी मदद मिलती थी। जेल से कई बार फिरौती मांगने का मामला भी सामने में आ चुका है।


नई जेल में हाई सिक्योरिटी बैरक
बता दें कि वर्तमान में यहां 1090 बंदी बंद थे। समस्या के समाधान के लिए इटौरा में नये जिला कारागार का निर्माण कराया गया। 41.246 एकड़ क्षेत्रफल में बना यह कारागार अत्यआधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसके निर्माण में 115. 96 लाख रुपए खर्च हुए है। यहां 8 बैरक 120 बंदी क्षमता और 2 बैरक 60 बंदी क्षमता के बनाए गए हैं। सभी हाई सिक्योरिटी बैरक हैं।


पहले महिला कैदियों को शिफ्ट किया
5 मई को जिलाधिकारी सुहास एलवाई और पुलिस अधीक्षक दयानंद मिश्र नये जेल के निरीक्षण के दौरान जल्द ही यहां बंदियों को शिफ्ट करने की बात कही थी। इसके बाद शनिवार को ही इसकी कवायद शुरू कर दी गई थी। पहले यहां से अभिलेख और राशन सामाग्री नयी जेल में भेजा गया। इसके बाद रविवार को अल सुबह बंदियों को शिफ्ट करने की कवायद शुरू हुई। 1090 बंदियों में से सबसे पहले महिला कैदियों को नई जेल में भेजा गया। दोपहर तक सभी कैदी नै जेल में शिफ्ट हो गए।

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Top