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कविता न्याय से बड़ी है : जस्टिस ए.पी.शाही

 Sabahat Vijeta |  2016-11-29 15:43:54.0

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तहलका न्यूज़ ब्यूरो


लखनऊ. इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में आज संविधान दिवस के मौके पर "रोल एण्ड रिस्पॉन्सिबिलिटी ऑफ़ द कोर्ट, कॉउंसिल एण्ड क्लाइंट इन द डिस्पेंसशन ऑफ़ जस्टिस" विषयक सेमिनार का आयोजन किया गया. अवध बार एसोसिएशन की तरफ़ से आयोजित इस सेमिनार की अध्यक्षता वरिष्ठ न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप शाही ने की. न्यायमूर्ति ए. आर. मसूदी इस मौके पर मौजूद थे.


कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन और पुष्प अर्पण द्वारा हुई. उसके बाद अधिवक्ता और कवयित्री सुश्री रचना मिश्रा ने अपनी ओजमयी वाणी में काव्य पाठ कर समारोह को आगे बढ़ाया. जस्टिस अमरेश्वर प्रताप शाही ने इस मौके पर कहा कि कविता साहित्य की सर्वोत्कृष्ट विधा है. इस सेमीनार की शुरुआत कविता से होना इसलिए अच्छी बात है क्योंकि कविता न्याय से बड़ी है.


समारोह में उपस्थित कई अधिवक्ताओं ने अपने अपने विचार व्यक्त किये. न्यायमूर्ति गणों ने भी अधिवक्ताओं को संबोधन दिया. समारोह में अवध बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल दीक्षित, महासचिव एस. चन्द्रा और वरिष्ठ अधिवक्ता वाई. एस. लोहित भी मौजूद थे.

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