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PM मोदी को है सांसदों का वेतन दोगुना करने पर एतराज

 Tahlka News |  2016-05-04 04:07:07.0

images (4)नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद भी सांसदों के वेतन बढ़ोतरी की प्रक्रिया पूरी होने में समय लग सकता है क्योंकि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरी प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े करते हुए कहा कि सांसदों को अपना वेतन खुद ही नहीं बढ़ाना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने कहा है कि सांसदों के वेतन में बढ़ोतरी के लिए एक ऐसी प्रक्रिया अपनानी चाहिए जैसे कि सरकारी कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी के समय होती है। सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने कहा है कि सांसदों का वेतन भी किसी आयोग के तहत जैसे, पे कमीशन आदि से तय किया जाना चाहिए।


सांसदों की सैलरी का फैसला पे कमीशन या उस जैसी कोई और बॉडी करे

एक अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अपने सैलरी पैकेज के बारे में सांसदों को खुद फैसला नहीं करना चाहिए। उनका मानना है कि सांसदों की सैलरी का फैसला पे कमीशन या उस जैसी कोई और बॉडी करे, जो वक्त के हिसाब से इसमें बढ़ोतरी करती रहे। सांसदों की सैलरी बढ़ाने की सिफारिश पर एतराज जताते हुए पीएम ने सुझाव दिया है। मोदी का सुझाव है कि सांसदों की सैलरी को प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट या कैबिनेट सेक्रेटरी जैसी पोस्ट की सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी से लिंक कर देना चाहिए। बता दें कि प्रधानमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद संसद के अगले सत्र में इसके लिए बिल लाया जाना था।

सांसदों का वेतन 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपए प्रति माह


संसद की विशेष समिति ने सांसदों के वेतन में बढ़ोत्तरी की सिफारिश की थी। इसके तहत सांसदों का वेतन 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपए प्रति माह करने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही संसदीय क्षेत्र का भत्ते को 45 हजार से बढ़ाकर 90 हजार करने की अनुशंसा की गई। विशेष संसदीय समिति की इन सिफारिशों को अगर मान लिया जाता है तो सांसदों के वेतन में दुगुनी बढ़ोत्तरी हो जाएगी। अभी सांसदों का कुल वेतन भत्ता 1 लाख 40 हजार है, जो बढ़कर सीधा  2 लाख 80 हजार रुपए हो जाएगा। योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली समिति ने पेंशन में भी 75 फीसदी बढ़ोत्तरी करने का सुझाव दिया है।

बता दें कि छह साल पहले सांसदों के वेतन में बढ़ोत्तरी हुई थी। कमेटी की सिफारिशों को लेकर सभी मंत्रालयों से राय लेने के लिए एक कैबिनेट नोट भेजा गया है। मंत्रालयों से अप्रूवल मिलने के बाद इसे संसद के सामने रखा जाएगा।

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