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खतरा: लड़कियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट न करें एक्सेप्ट, ये हैं वजह

 Tahlka News |  2016-04-16 04:46:40.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली, 16 अप्रैल. इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) ने जवानों को फेसबुक इस्तेमाल करते वक्त अलर्ट रहने को कहा है। ऑर्डर में कहा गया है कि बॉर्डर के अलावा सेंसेटिव एरिया में तैनात जवान किसी भी तरह के मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल न करें। आईएसआई के हैकर जवानों को लड़कियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट के जरिए हनी ट्रैप में फंसाकर मोबाइल डाटा हैक कर सकते हैं। यह सिक्युरिटी के लिहाज से खतरनाक हो सकता है।


आईटीबीपी के डायरेक्टर जनरल कृष्णा चौधरी ने यह ऑर्डर पिछले हफ्ते जारी किया। इसमें कहा गया है कि जवान किसी भी अनजान शख्स या लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट नहीं करें।
किसी भी तरह के मोबाइल ऐप्स को यूज नहीं करें। खासकर स्मैश ऐप्स को। क्योंकि यह ऐप लोकेशन के साथ दूसरे इन्फॉर्मेशन भी हैक में मददगार हो सकता है।


ये तीन ऐप हो सकते हैं खतरनाक
आईटीबीपी ने यह ऑर्डर आर्मी द्वारा दी गई एडवाइजरी के बाद जारी किए हैं। कुछ हफ्ते पहले आर्मी ने अपने अफसरों और जवानों को एडवाइजरी जारी कर कहा था कि -" वे गूगल प्लेस्टोर से वीचैट, स्मेश और लाइन ऐप को डाउनलोड नहीं करें।" "अगर इन्हें डाउनलोड किया जाता है तो चीन और पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसियां डाटा हैक कर सकती हैं।


कैसे ट्रैप कर रहे हैं हैकर्स
इंटेलिजेंस एजेंसियों के मुताबिक- 'आईएसआई और टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन के हैकर्स इंडियन सिक्युरिटी पर्सनल्स को ट्रैप करने की कोशिश करते हैं।' 'वे पहले फेसबुक के जरिए फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं।' 'यह रिक्वेस्ट लड़की की तरफ से आती है। जब जवान इसे रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लड़की से बात करना शुरू करता है। तब वह लड़की आगे चैट करने के लिए किसी स्पेशल ऐप को डाउनलोड करने के लिए कहती है।' 'जब कोई जवान उस ऐप को डाउनलोड कर लेता है, तो बाद में उसी ऐप के जरिए उसके मोबाइल डाटा जैसा एसएमएस, वीडियो, फोन नंबर्स, उनके सर्वर में जीपीएस लोकेशन की इन्फॉर्मेशन को हैकर हैक करने में सफल हो जाता है।'

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