Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

बड़ी राहतः पीएफ निकासी के नियम बदले, जानें क्या होंगे फायदे

 Tahlka News |  2016-04-19 11:45:39.0

epfo_650x425_041916102743



नई दिल्ली, 19 अप्रैल.  सरकार ने पीएफ यानी प्रोविडेंट फंड निकालने के नियमों में बदलाव कर कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. श्रम मंत्रालय ने पीएफ के नियमों में संशोधन करते हुए कहा है कि पीएफ खाताधारक घर खरीदने, बच्चों की पढ़ाई और शादी या फिर बीमारी के इलाज के लिए पीएफ खाते से पूरा पैसा निकल सकते हैं. नए नियम 1 अगस्त 2016 से लागू होंगे. पहले के नियमों के मुताबिक पीएफ खाताधारक पूरा पैसा नहीं निकाल सकते थे. ध्यान रहे कि सरकार ने पीएफ से पैसा निकालने के नियमों में बदलाव किया था जिसके तहत 1 मई पीएफ अकाउंट होल्डर पूरा पैसा नहीं निकाल सकते थे, उन्हें 58 साल तक की उम्र का इंतजार करना पड़ता. सरकार के इन नए नियमों से देश के करीब 6 करोड़ पीएफ अकाउंट होल्डर्स को बड़ी राहत मिलेगी और अब वो 31 जुलाई तक पहले के नियमों के मुताबिक ही खाते से पैसा निकाल सकेंगे.


क्या है श्रम मंत्रालय का क्या नया फैसला
नए नियमों के मुताबिक पीएफ खाताधारक अपने बच्चों की मेडिकल, डेंटल, इंजीनियरिंग और अन्य किसी उच्च शिक्षा के लिए पैसा निकाल सकते हैं. साथ ही बच्चों की शादी के लिए भी जरूरत पड़ने पर पीएफ खाते से पैसा निकाल सकते हैं. इसके अलावा अपने या परिवार के किसी सदस्य के बीमारी के इलाज के लिए भी पैसा निकाल सकते हैं. साथ ही घर खरीदने के लिए भी पीएफ खाते से रकम निकाली जा सकती है. इसके साथ ही 58 साल की उम्र पूरी होने पर कर्मचारी अपने पीएफ खाते में जमा राशि को पूरी तरह निकाल पायेगा. ये नियम राज्य और केंद्र सरकार दोनों तरह के कर्मचारियों के लिए है और वृद्धावस्था पेंशन से जुड़े लोग भी इसका फायदा उठाएंगे.

क्या है फिलहाल पीएफ से पैसा निकालने का नियम
नए नियमों के मुताबिक अगर कर्मचारी पीएफ खाते में जमा रकम 5 साल से पहले निकालता है तो उसे टीडीएस देना पड़ता है. अगर खाते में जमा रकम 30,000 रुपये से ज्यादा है और कर्मचारी इस रकम को 5 साल से पहले निकालता है तो उस पर टीडीएस देना होता है.

इससे पहले फरवरी में केंद्र सरकार ने पीएफ निकासी के नियम कड़े कर दिए थे जिसके तहत कर्मचारी अपने पीएफ अकाउंट से केवल अपना ही योगदान निकाल सकते थे और खाताधारक अपने एंप्लॉयर की तरफ से जमा की गई राशि और उसपर मिलने वाला ब्याज नहीं निकाल सकता था. पीएफ का पूरा पैसा निकालने के लिए उन्हें 58 साल तक की उम्र का इंतजार करना पड़ता. सरकार के इस नियम के बाद कर्मचारियों के मन में डर पैदा हो गया और इस नियम का बेतहाशा विरोध किया जा रहा था. ट्रेड यूनियनों की तरफ से श्रम और रोजगार मंत्री बंडारू दत्तात्रेय को ज्ञापन सौंपा गया था जिसमे 1 मई से लागू होने वाले पीएफ निकासी के नियमों में होने वाले बदलाव को रोकने की मांग की गई थी.

ईपीएफओ के इस नए नियम की वजह से रोजाना हजारों कर्मचारी देश के विभिन्‍न ईपीएफओ के कार्यालय में फार्म जमा कराने पहुंचने लगे. वहीं, पीएफ निकासी के नए नियमों के खिलाफ बेंगलुरु और अन्य शहरों में बीते दिनों भारी विरोध प्रदर्शन हुए. केंद्र सरकार के पीएफ निकासी के नए नियमों के खिलाफ हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर गए और जोरदार हंगामा किया.

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Top