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अपनी अर्जित सम्पत्ति दूसरों के परोपकार के लिए दान करना पुण्य का काम

 Sabahat Vijeta |  2016-12-02 12:46:14.0

राज्यपाल राम नाईक




  • राज्यपाल ने मोबाईल फोन के माध्यम से प्रतापगढ़ में आयोजित दो कार्यक्रमों को सम्बोधित किया

  • अधिवक्तागण न्यायपालिका के महत्वपूर्ण घटक हैं : राज्यपाल


लखनऊ. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक को आज प्रतापगढ़ में आयोजित जूनियर बार एसोसिएशन एवं अम्मा साहेब ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रमों मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था, लेकिन खराब मौसम और घने कोहरे के कारण राज्यपाल ने कार्यक्रम के आयोजकों को निराश नहीं किया बल्कि दोनों कार्यक्रम को मोबाईल फोन के माध्यम से सम्बोधित करके उनका उत्साहवर्द्धन किया.


राज्यपाल ने जूनियर बार एसोसिएशन के कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि वकालत प्रतिष्ठित पेशा है. गरिमा और न्याययुक्त जीवन के लिए, समानता के मूल्यों तथा विधि के शासन के लिए संविधान में न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका जैसे तीन स्तम्भ हैं. आज भी तीनों स्तम्भों में न्यायपालिका पर जनता का अधिक विश्वास है. न्यायपालिका और उससे जुडे़ अधिवक्ताओं पर नागरिक और मानव अधिकारों की रक्षा का दायित्व है. न्यायपालिका अपने दायित्व का पालन कैसे करती है, यह अधिवक्ताओं पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा कि अधिवक्तागण न्यायपालिका के महत्वपूर्ण घटक हैं.


श्री नाईक ने कहा कि अधिवक्ताओं को अपनी सच्चाई एवं ईमानदारी से नए उच्च मानदण्ड स्थापित करने चाहिए. वादी को शीघ्र न्याय मिले, इसके लिए प्रयासरत रहें. अधिवक्ताओं की भी कुछ समस्याएं हैं. व्यवसाय की गरिमा को बनाये रखते हुये अधिवक्ताओं को अपनी समस्याएं न्यायालयों एवं सरकार के साथ सम्मानपूर्ण तरीके से हल करने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आंदोलन की भी कोई लक्ष्मण रेखा होनी चाहिए.


राज्यपाल ने अपने दूसरे कार्यक्रम अम्मा साहेब ट्रस्ट को सम्बोधित करते हुए कहा कि ट्रस्ट द्वारा समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद कर उन्हें स्वालम्बी बनाने का काम महत्वपूर्ण है. समाज के असहाय और कमजोर लोगों की सेवा करना ईश्वर की सेवा से कम नहीं है. समाज के अन्य लोगों को भी ऐसे कार्यों के लिए आगे आना चाहिए. राज्यपाल ने आह्वाहन किया कि समाज के प्रबुद्ध वर्ग के लोग अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार समाज सेवा के कार्य करें. उन्होंने कहा कि अपनी अर्जित सम्पत्ति दूसरों के परोपकार के लिए दान करना पुण्य का काम है.

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