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शौचालय निर्माण के लिए एक लाख बच्चे लिखेंगे पिता को पत्र!

 Girish Tiwari |  2016-07-14 05:09:25.0

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एकांत प्रिय चौहान 
कवर्धा, 14 जुलाई. पूज्य पिता जी, प्रणाम! मैं भी गांव के अन्य बच्चों की तरह स्वच्छ तथा शौचालय युक्त परिवार से जुड़ना चाहती हूं। मुझे घर से बाहर खुले में शौच के लिए जाना अच्छा नहीं लगता। पिता जी, प्लीज.. आप भी हमारे घर में शौचालय बनवा दीजिए। मुझे बरसात में बाहर जाना अच्छा नहीं लगता साथ ही मुझे सांप-बिच्छू से बहुत डर लगता है।

पिता जी प्लीज.. घर में शौचालय बनवा दीजिए। यह मार्मिक खुला पत्र कक्षा आठवीं की नेहा ने अपने पिता को लिखी है। उसने अपने घर में शौचालय बनाने के लिए अपने पिता से बारंबार आग्रह और निवेदन भी किया है। उसने यह भी लिखा है कि उसे सांप-बिच्छू से बहुत डर लगता है। कक्षा आठवीं की नेहा की अपने पिता के नाम मार्मिक पत्र आज कबीरधाम जिले के स्कूलों में पढ़ने वाले एक लाख से अधिक बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।


छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले एक लाख से अधिक स्कूली बच्चे 15 जुलाई को एक साथ अब नेहा की तरह अपने-अपने पिता को अपने घरों में शौचालय बनवाने के लिए खुला पत्र लिखने वाले हैं। इस मार्मिक पत्र की चर्चा आज पूरे जिले में होने लगी है। कबीरधाम जिला पंचायत अब इस पत्र को लेकर जिले को स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ने की तैयारी कर रही है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे के मार्गदर्शन में स्कूली शिक्षा विभाग के माध्यम से 15 जुलाई को पिता के नाम पत्र खिलने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। साथ ही जिस स्कूली बच्चों के घरों में पहले से शौचालय का निर्माण हो गया और वह परिवार स्वच्छ तथा शौचालय युक्त परिवार से जुड़ गया है। ऐसी स्थिति में उस परिवार के बच्चों द्वारा अपने पिता को खुला पत्र लिखते हुए घरों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पिता को धन्यवाद भी ज्ञापित किया जाएगा।

घरों में शौचालय बनाने के लिए पिता के नाम खुला पत्र लिखने के लिए जिले के कवर्धा, सहसपुर लोहारा साथ ही आदिवासी बैगा बाहुल्य विकासखण्ड पंडरिया एवं बोडला विकाखण्ड में संचालित स्कूलों में विशेष तैयारियों शुरू कर दी गई है। आगामी 15 जुलाई को जिले के सभी शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों द्वारा अपने पिता को एक खुला पत्र लिखा जाएगा, जिसमें अपने अपने घरों में शौचालय बनाने के लिए पिता को संबोधित किया जाएगा। पत्र लेखन के बाद बच्चे उसी दिन स्वयं सहपाठियों के समूह में अपने अपने घर पहुंच कर पिता का चरण स्पर्श करेंगे और पिता को खुला पत्र सौंपेंगे। साथ ही अपने घरों में शौचालय कब तक बन जाएगा इसका संकल्प पत्र भी पुत्र द्वारा प्राप्त किया जाएगा।

सर्वेश्वर ने बताया कि घरों में शौचालय बनाने और सभी स्कूली बच्चों को स्वच्छ तथा शौचालय युक्त परिवार से जोड़ने के लिए इस अभियान को धरातल पर मूर्त रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कबीरधाम जिले में अब तक 71 ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त घोषित किया जा चुका है। (आईएएनएस/वीएनएस)।

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