Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

कैराना मुद्दे पर सपा-भाजपा कर रही राजनीति : नीतीश

 Girish Tiwari |  2016-06-18 17:59:43.0

18_06_2016-nitish-n
मिर्जापुर, 18 जून. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल-युनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने यहां शनिवार को कहा कि कैराना मुद्दे पर सपा-भाजपा दोनों राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि यूपी में भी शराबबंदी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "शराब हजारों घर तबाह कर चुकी है। अगर यूपी की जनता शराबबंदी चाहती है तो मुझे ताकत प्रदान करे। मेरे पास जिस दिन ताकत आ गई, उसके दूसरे दिन से शराब की बिक्री बंद हो जाएगी।"


चुनार तहसील के शिवशंकरी धाम में आयोजित जदयू के प्रमंडल कार्यकर्ता सम्मलेन में नीतीश ने शराबबंदी का आह्वान किया। इससे पहले उन्होंने विंध्यवासिनी मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।

सम्मेलन में उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग अब सरदार वल्लभ भाई पटेल का नाम लेने लगे हैं। उन्हें शायद यह पता नहीं है कि सबसे पहले सरदार पटेल ने ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर पाबंदी लगाई थी।

नीतीश ने कहा, "हम सरदार पटेल को मानने वाले लोग हैं, इसलिए संघ-मुक्त देश की बात कर उनके बताए रास्ते पर चल रहे हैं।"

बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी धर्मो में शराबबंदी की बात कही गई है। कबीर, तुलसी, रहीम के साथ ही बाद के महापुरुषों डॉ. अम्बेडकर और कांशीराम ने भी शराब का विरोध किया। शराब से सबसे अधिक नुकसान गरीबों का होता है। शराब पीकर आने पर घर में कलह होती है। इसलिए शराबबंदी बहुत जरूरी है। इसमें जनता के सहयोग की जरूरत है।

नीतीश ने कहा, "यूपी में शराबबंदी लागू करने के लिए मैंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखा था। बिहार से सटे यूपी की सीमा से पांच किलोमीटर की परिधि में शराब की दुकानें नहीं खोलने का आग्रह भी किया था। हमारे मुख्य सचिव ने भी यहां के मुख्य सचिव से पत्राचार किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अलबत्ता बिहार की सीमा से सटे इलाकों में शराब की दुकानें बढ़ा दी गईं।"

उन्होंने यूपी में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और विकास का पहिया रुके होने के लिए भाजपा, सपा व बसपा को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि तीनों दल जनता को गुमराह करते रहे हैं, सरकार बदलती है लेकिन हालात जस के तस हैं।

उन्होंने जनता से इन तीनों दलों से उत्तर प्रदेश को मुक्त करने का आह्वान भी किया।

नीतीश ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शराबबंदी के पक्षधर हैं तो वह पूरे देश में न सही, कम से कम भाजपा शासित राज्यों में तो पूर्ण शराबबंदी लागू करा ही सकते हैं। लेकिन आश्चर्य है कि मोदी ऐसा नहीं कर रहे हैं।

कैराना प्रकरण पर उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे लोग धरम-करम की बात करते हैं और वे चुनाव आने पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के हथकंडे अपनाने लगते हैं। इसी की कड़ी है कैराना के पलायन का मुद्दा। वहां के लोग रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों में जाते हैं। इस मुद्दे पर सपा-भाजपा दोनों राजनीति कर रही है।

वहीं जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की दिल्ली में कोई पूछ नहीं है। इसके लिए सपा-बसपा जिम्मेदार हैं।

उन्होंने भाजपा को सांप्रदायिक आधार पर समाज को बांटने वाली व कांग्रेस को बूढ़ी पार्टी बताया और कहा, "कमल ही ऐसा फूल है, जो सिर्फ कीचड़ में पैदा होता है। अन्य फूल पेड़ पर उगते हैं।"

शरद ने कहा कि मौसम विभाग ने दावा किया था कि मानसून जल्दी आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। यह चिंता की बात है, महंगाई आसमान छू रही है, मोदी के मंत्री कहते हैं कि महंगाई कहां है? उनका इशारा राम विलास पासवान की ओर था।

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top