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डॉक्टरों ने उसे मरा साबित किया, वह फिर से जिंदा हो गया और फिर...

 Anurag Tiwari |  2016-09-11 04:25:04.0

Bahraich, District Hospital, Negligence, Laxity, Treatment, Dead on Arrival, Brought Dead

तहलका न्यूज ब्यूरो

बहराइच. उत्तर प्रदेश के सीएम अखिलेश यादव सूबे में हेल्थ सेवाओं को लेकर चाहे जितने भी कड़े निर्देश जारी करें, उसक असर जमीनी स्तर पर कम ही देखने को मिल रहा है.

ताजा मामला बहराइच जिला अस्पताल का है जहां इलाज में लापरवाही की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं. यहां डॉक्टरों की लापरवाही के चलते समय से इलाज न मिल पाने की वजह से एक नाबालिग की मौत हो गई.

मिली जानकारी के मुताबिक़ करंट लगने के नगर  कोतवाली क्षेत्र के छोटी तकिया मोहल्ला निवासी 15 वर्षीय रूमान को जिला अस्पताल  इलाज के लिए लाया गया. इमरजेंसी ओपीडी इंचार्ज ने जांच के बाद उसे मरा हुआ बता कर परिवार को उसका शव ले जाने की बात कह दी.


रोते-बिलखते मां-बाप जब बच्चे के शव को लेकर घर पहुंचे तो अचानक रूमान के शरीर में  हलचल शुरू हो गयी. रूमान तेजी से सांस लेने लगा. यह देखकर परिजन एक बार फिर रूमान को लेकर अस्पताल पहुंचे. इसी बीच उसको मृत साबित किए जाने को लेकर परिजनों और हॉस्पिटल के स्टाफ के बीच नोकझोंक शुरू हो गयी. गुस्साए परिजनों ने डॉक्टर और वहां मौजूद स्टाफ को जमकर मारापीटा. इस बीच रूमान ने इलाज न मिलने के चलते एक बार फिर से दम तोड़ दिया.

रूमान के पिता राजू कुरैशी ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि अगर वक्त पर उनके 15 साल के बेटे को इलाज मिल जाता तो वह जिंदा होता, उसकी मौत डॉक्टर की लापरवाही की वजह से हुई है.

वहीँ डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के सीएमएस डर ओपी पांडेय का कहना है कि रूमान की मौत जिला अस्पताल आने से पहले ही हो चुकी थी. जांच करने के बाद ही डॉक्टर ने मृत घोषित किया था उसकी मौत से बौखलाए परिजनों ने डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट की. इस मारपीट के बाद से डॉक्टरों में दहशत है.

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