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जनपीड़ा नहीं नोटबंदी की वजह से मुलायम ने नहीं मनाया जन्मदिन : मायावती

 Sabahat Vijeta |  2016-11-23 12:53:02.0

मुलायम


लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने प्रदेश की सत्ताधारी समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव द्वारा कानपुर रेल दुर्घटना के फलस्वरुप इस बार अपना 78वाँ जन्मदिन पूर्व की तरह ही सरकारी जश्न के साथ ’पूरी शान-शौकत से नहीं’ मनाये जाने को एक दिखावटी कदम बताते हुये कहा कि वास्तव में सपा व उसके प्रमुख का यह फैसला जनपीड़ा से प्रभावित कम व नोटबन्दी के प्रभाव से ज्यादा लगता है.


मायावती ने आज यहाँ जारी एक बयान में कहा कि यदि सपा प्रमुख जनपीड़ा व जनहित के मामले में इतने ही संवेदनशील होते तो फिर मुजफ्फरनगर के भीषण साम्प्रदायिक दंगे में बड़े पैमाने पर लोगों के हताहत होने व हज़ारों परिवारों के बेघर-बार हो जाने के बावजूद भी बड़े जश्न व राजशाही जैसी शान-शौकत के साथ सैफई महोत्सव व अपना जन्मदिन क्यों मनाते? यह वह सवाल है जिसका जवाब उत्तर प्रदेश के सर्वसमाज के लोग और ख़ासकर मुस्लिम समाज के लोग अब प्रदेश में होने वाले विधानसभा आमचुनाव से पहले अवश्य ही जानना चाहते हैं.


उन्होंने कहा कि सपा के साथ-साथ भाजपा व कांग्रेस आदि वह पार्टियाँ हैं जिनका चाल, चरित्र व चेहरा अन्दर कुछ और बाहर कुछ और होता है और इसी सिलसिले में सपा परिवार में आपसी वर्चस्व को लेकर जो कलह व घमासान है वह लगातार जारी है, परन्तु मीडिया के माध्यम से जो सपा में हालात सामान्य होने का प्रचारित किया जा रहा है, वह भी असलियत कम और दिखावटी ज्यादा है. इसका एक नज़ारा आज भी गाजीपुर की रैली में देखने को मिला जब सपा के दोनों गुट आपस में ही भिड़ गये. आपस में ही कुर्सी चलने की यह घटना साबित करती है कि सपा में कुछ भी ठीक नहीं है, सब गड़बड़ है.


उन्होंने कहा कि सर्वसमाज के लोगों को और ख़ासकर मुस्लिम समाज के लोगों को गुमराह होने से बचना चाहिये और यह समझना चाहिये कि नोटबन्दी के कारण व्यापक स्तर पर सर्वसमाज के साथ-साथ खासकर ग़रीबों, मजदूरों, व्यापारी वर्ग व आमजनता आदि को जो परेशानी हो रही है उससे भाजपा की हालत उत्तर प्रदेश में काफी ज्यादा खस्ता है और ऐसे में मुस्लिम समाज को अपना वोट सपा को देकर वोट का बंटवारा करके भाजपा को मजबूत नहीं बनाना चाहिये.


मायावती ने कहा कि यह सही है कि लोग सपा के सम्बम्ध में उसकी खराब स्थिति को अच्छी तरह से समझते हैं और यही कारण है कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की आज गाजीपुर में हुयी सपा की पहली रैली भी काफी फ्लाप ही साबित हुई है, हालाँकि पूरे पूर्वांचल के साथ-साथ सपा के हर सीट पर दर्जनों संभावित टिकटार्थियों के माध्यम से भीड़ जुटाने के बावजूद भी सपा प्रमुख की आज हुयी पहली रैली लोगों की निगाह में फ्लाप ही साबित हुई है. इतना ही नहीं बल्कि सपा के शासनकाल में ध्वस्त कानून-व्यवस्था व हर तरफ अराजकता एवं जंगलराज से पीडि़त जनता इनके विकास के हवा-हवाई व खोखले दावों से काफी ऊब चुकी है


इसके अलावा उन्होंने नोटबन्दी से परेशान हाल ग़रीब व बेहाल आमजनता पर बैंकों से बाहर खड़े लोगों पर की गई पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निन्दा करते हुये कहा कि क्या प्रदेश की सपा सरकार भाजपा से अपनी अन्दरुनी मिलीभगत का एक और उदाहरण पेश करते हुये नोटबन्दी के मामले में भी भाजपा का साथ देते हुये यहाँ की जनता पर जुल्म-ज्यादती करेगी. इस सम्बम्ध में खासकर फतेहपुर, संभल, मेरठ, आगरा, बाग़पत आदि की घटनाओं का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि नोटबन्दी के कारण बुरी तरह से त्रस्त आमजनता पर पुलिस लाठीचार्ज सरकारी जुल्म-ज्यादती व अन्याय की पराकाष्ठा ही मानी जायेगी. सपा सरकार को बैंकों के बाहर लम्बी कतारों में भूखे-प्यासे खड़े लोगों पर तरस खाकर उनसे हर प्रकार से सहानुभूति प्रकट करते हुये उनकी मदद करनी चाहिये, ना कि लाठी बरसाना चाहिये.

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