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VIDEO: जेरुसलम में जहां रुकेंगे प्रधानमंत्री मोदी, वहां इजराइली गुट ने क्यों किया था बड़ा बम ब्लास्ट?

 Anurag Tiwari |  2017-07-03 10:15:59.0

VIDEO: जेरुसलम में जहां रुकेंगे प्रधानमंत्री मोदी, वहां इजराइली गुट ने क्यों किया था बड़ा बम ब्लास्ट?

अनुराग तिवारी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इजराइल दौरा मंगलवार से शुरू हो रहा है. इजराइली मीडिया के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी के इजराइल दौरे पर उनके रुकने की व्यवस्था जेरूसलम के किंग डेविड होटल में की गई है. ये होटल आज से 70 साल पहले 1946 में बम विस्फोट का शिकार हुआ था. दिलचस्प बात यह है कि इस बम विस्फोट के लिए कोई और नहीं बल्कि इजराइल का जाईनिस्ट गुट इसके लिए जिम्मेदार था और यह हमला इजराइल की आजादी की लड़ाई का प्रतीक था. इस हमले के बाद इजराइल को साल 1948 में 14 मई अप्रैल को आजाद घोषित किया गया.


बात 22 जुलाई 1946 की है, किंग डेविड होटल का दक्षिणी हिस्सा एक भयानक विस्फोट में उड़ गया. इस हिस्से में ब्रिटिश सेना का हेडक्वार्टर और फिलिस्तीन सरकार के ऑफिस स्थित थे. इस बम विस्फोट में 26 लोगों की मौत हुई. बाद में इस विस्फोट की जिम्मेदारी एक यहूदी पैरामिलिटरी आर्गेनाईजेशन इरगुन ने ली.



किंग डेविड होटल में ब्लास्ट के बाद उठता धुंआ



इरगुन ने यह हमला ब्रिटिश आर्मी द्वारा चलाये जा रहे ऑपरेशन अगाथा का बदला लेने और विरोध करने के लिए किया था. इस ऑपरेशन के तहत ब्रिटिश आर्मी आजादी की लडाई लड़ रहे कई बड़े यहूदी नेताओं को गिरफ्तार कर जेल में डाल रही थी. पूरी दुनिया ने इजराइल की आजादी की लड़ाई और किंग डेविड होटल में हुए बम विस्फोट को उस समय की सबसे बड़ी आतंकी घटना का दर्जा दिया था.


ब्रिटिश सेना द्वारा ऑपरेशन अगाथा के तहत गिरफ्तार किये गए इजराइली नेता



इजराइल की आजादी के बाद भी तकरीबन सवा साल लड़ाई रूक-रूक कर चलती तरही. नए देश इजराइल फौज ने बिना पूरे सैन्य-युद्ध के सामान के बगैर भी बहादुरी से संघर्ष करती रही और उन्होंने अपने देश पर हमला करने वाले हमलावरों को खदेड़ दिया. आजादी के बाद भी हुई लड़ाई के चलते 6000 से भी ज्यादा इजराइली नागरिकों की जानें गईं. यह संख्या तब की इजराइली आबादी की करीब एक फीसदी थी.


वर्तमान में किंग डेविड होटल का स्वरुप जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रुकेंगे




साल 1949 में युद्ध समाप्त होने के बाद इजराइल ने अपनी आजादी को सींचने और संवारने का काम शुरू किया. 25 जनवरी, 1949 को इजराइल का पहला राष्ट्रीय चुनाव हुआ. करीब 85 फीसदी नागरिकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और 120 सदस्यीय कनेसेट (संसद) का चुनाव किया.

इजराइल की आजादी और देश बनाने में दो लोगों ने प्रमुखता से अपना योगदान दिया आजादी के बाद भी इजराइल के नेता बने रहे. यहूदी एजेंसी के प्रमुख डेविड बेन-गुरियन को इजराइल का पहला प्रधानमंत्री चुना गया और प्रमुख खाइम वाइजमैन को संसद ने पहला राष्ट्रपति चुना. इसके बाद 11 मई, 1949 को इजराइल यूनाइटेड नेशंस का 55 वां सदस्य-देश बना.


वीडियो में देखें क्या था किंग डेविड होटल पर दुनिया का रिएक्शन


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