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मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास को चुनाव लड़ा सकती है समाजवादी पार्टी

 Sabahat Vijeta |  2016-12-16 16:35:41.0

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तहलका न्यूज़ ब्यूरो


लखनऊ. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कड़े विरोध के बावजूद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय हो गया. अब अंसारी परिवार की दूसरी पीढ़ी को भी समाजवादी पार्टी में ख़ास जिम्मेदारियों से नवाज़ा जा रहा है.


समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने आगरा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार के बड़े बेटे अब्बास अंसारी को समाजवादी युवजन सभा का प्रदेश सचिव मनोनीत किया है. मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास बिन मुख्तार अंसारी को समाजवादी पार्टी से टिकट दिए जाने पर मंथन चल रहा है. बलिया में कल शिवपाल सिंह यादव के साथ ही अब्बास बिन मुख्तार अंसारी नज़र आये थे. चर्चा है कि मुख्तार अंसारी की दूसरी पीढ़ी की भी राजनीति में शुरुआत होने जा रही है.


बलिया में कल विधायक व पूर्व मंत्री नारद राय के घर मांगलिक कार्यक्रम था. इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव और मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास भी आमंत्रित थे. कार्यक्रम में दोनों की नजदीकियां देखकर यह कयास शुरू हो गए कि 2017 के चुनाव में अब्बास बिन मुख़्तार अंसारी को भी समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ाया जा सकता है. अब्बास ने कहा कि विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को रोकना उनका मकसद है. चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचने की बात भी अब्बास ने कही.


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मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास राष्ट्रीय स्तर पर निशानेबाजी के लिए पहचाने जाते हैं. पंजाब की ओर से नेशनल शूटिंग में चार बार पदक जीत चुके अब्बास चुनाव लड़ने के इच्छुक भी हैं. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पूर्वांचल की जिस सीट पर भी उनके ऊपर भरोसा करेगी वहां से वह मजबूती से चुनाव लड़ेंगे. अब्बास अंसारी दिल्ली विश्वविधालय से बी कॉम करने के साथ निशानेबाजी के माहिर खिलाड़ी हैं. अब्बास अंसारी ट्रैप शूटर हैं. वह देश-विदेश की कई प्रतियोगिता में कई मेडल जीत चुके हैं. उत्तर प्रदेश में मायावती सरकार ने अब्बास को लाइसेंस नहीं दिया था, इसी नाते उन्हें पंजाब का दामन थामना पड़ा.


मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कौमी एकता दल के समाजवादी पार्टी में विलय पर कड़ा विरोध जताया था. अखिलेश मुख्तार की छवि की वजह से ही नहीं चाहते थे कि उनकी पार्टी समजवादी पार्टी में शामिल हों. बावजूद उनके विरोध के शिवपाल सिंह यादव ने कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय करवा दिया और अब मुख्तार और उनके परिवार को पार्टी में मज़बूत करने का भी काम कर रहे हैं. मुख्तार अंसारी के भाई सिगबतुल्ला अंसारी को पहले ही मोहम्मदाबाद विधानसभा से समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया जा चुका है.

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