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विदेशियों ने देखा महमूदाबाद का मुहर्रम

 Sabahat Vijeta |  2016-10-10 15:18:51.0

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लखनऊ. राजा महमूदाबाद ने महमूदाबाद किले में कर्बला : धार्मिक सीमाओं से परे शीर्षक नाम से कर्बला के शहीदों की याद में मजलिस और जुलूस का आयोजन किया. शोल्डर टू शोल्डर फाउन्डेशन की तरफ से आयोजित मजलिस के बाद हज़रत इमाम हुसैन के भतीजे हजरत कासिम की मेहदी का जुलूस निकाला गया.

राजा महमूदाबाद के किले में हर साल इस जुलूस को उठाया जाता है. इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग महमूदाबाद आते हैं. यहाँ होने वाले मुहर्रम को देखने के लिए कई देशों के लोग शिरकत करते हैं. इस साल भी हजरत कासिम की मेहंदी के जुलूस और मजलिस में स्विट्जरलैंड और अमेरिका से आये लोगों ने शिरकत की.


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राजा महमूदाबाद मोहम्मद अमीर मोहम्मद खां, सुलेमान मियां ने अज़ादारी और हक़ व बातिल की लड़ाई के बारे में जानकारी दी. उनके बेटे डॉ अली खान महमूदाबाद ने अंग्रेजी में भी कर्बला और इमाम हुसैन के बारे में बताया.

किला महमूदाबाद में सोज़ सलाम, नस्सारी और मजलिस के बाद जुलूस मेंहदी को लोगों ने देखा और उसके बारे में जानकारी हासिल की. शहनाई सोज़ व सलाम, के साथ जुड़े इस प्रोग्राम में विदेश से आये लोगों को कर्बला के इतिहास को समझने का मौक़ा मिला. राजा महमूदाबाद और उनके बेटे डॉ अली खान महमूदाबाद ने इमाम हुसैन और उनके बलिदान की याद को जीवित रखने में भारत की भूमिका पर चर्चा की.

वजाहत हबीबुल्लाह, अमर हबीबुल्लाह, मसूद अहमद, मेहरू जाफर, श्रीमती शबीउल हसनैन, ज़ेबा सिद्दीकी, इकबाल किदवई, ताहिरा हसन, शन्ने नकवी, अशफाक खान, अफजल मौदूदी सैयद फारूक रिजवी (यूएई) और मोहम्मद आसिफ (सऊदी अरब), ने भी शिरकत की.

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