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बुरे फंस सकते हैं अमित जानी, मकोका लगाने की तैयारी में मोदी सरकार

 Tahlka News |  2016-04-20 12:42:23.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली, 20 अप्रैल. जेएनएसयू प्रेसिडेंट कन्हैया कुमार और उमर खालिद की हत्या की साजिश रचने और जेएनयू में हथियार भेजने के आरोपी उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गृह मंत्रालय के सूत्रों से मालूम चला है कि केंद्र सरकार अमित जानी के खिलाफ मकोका कानून के तहत कार्रवाई कर सकती है। बता दें कि मकोका और रासुका जैसे कानूनों में एक साल तक जमानत नहीं होती और इन कानूनों का इस्तेमाल सरकारों द्वारा संगठित अपराध को रोकने के लिए किया जाता है।


उल्लेखनीय है कि मिंटो रोड टर्मिनल से जेएनयू जाने वाली बस में 14 अप्रैल को पुलिस ने एक पिस्टल और जिन्दा कारतूस बरामद किए थे। पुलिस ने इस मामले में अमित जानी के भाई सौरभ अग्रवाल और दो अन्य साथी सुलभ भरद्वाज और चंद्रभान को अरेस्ट कर के खुलासा किया था कि अमित जानी कन्हैया की हत्या के लिए जेएनयू में हथियार भेज रहा था। तभी से लगातार अमित जानी की तलाश में पुलिस का सर्च अभियान जारी है। अमित के दिल्ली स्थित ऑफिस और मेरठ स्थित घर सहित पुलिस 50 से अधिक स्थानों पर दबिश मारकर अमित की गिरफ्तारी का प्रयास कर चुकी है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और आईबी के सयुंक्त अभियान के बावजूद अमित जानी का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।


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56 इंच की कार्रवाई के लिए तैयार अमित


गृह मंत्रालय के एक सूत्र ने बुधवार को बताया कि अमित जानी के खिलाफ मकोका के तहत बड़ी कार्रवाई हो सकती है। वहीं, अमित जानी ने इस बाबत पूछने पर बताया कि उनको इस मामले की जानकारी नहीं है। फिर भी यदि केंद्र की मोदी सरकार उन पर मकोका लगाती है तो वे इस 56 इंची कार्रवाई का स्वागत करेंगे। अमित जानी ने कहा कि ओवैशी पर न मकोका लगाई गई न ही रासुका के तहत एक्शन हुआ।

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फांसी पर चढ़ने को हैं तैयार
कन्हैया उमर खालिद पर भी मकोका या रासुका नहीं लगाई गई। यदि सिर्फ देशभक्तों के लिए ही सख्त कानून है तो ये मोदी सरकार का काबिले तारीफ कदम है। उन्होंने कहा कि वे कानून या सरकार के डर से राष्ट्रवादी विचारधारा को नहीं छोड़ सकते। जरूरत पड़ी तो वन्देमातरम कहकर फांसी चढ़ने को भी तैयार हैं।

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