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लखनऊ मेट्रो का ट्रायल रन मुख्यमंत्री की बचकानी हरकत : मायावती

 Sabahat Vijeta |  2016-12-01 14:20:39.0

mayavati
लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने प्रदेश की सपा सरकार पर शीघ्र ही यहाँ होने वाले विधानसभा आमचुनाव के मद्देनज़र अभियान चलाकर विभिन्न कागजी योजनाओं का शिलान्यास करने व आधी-अधूरी योजनाओं का उद्घाटन कर अपने नाम का पत्थर लगवा देने की सस्ती लोकप्रियता हासिल करने वाली प्रवृत्ति की तीखी आलोचना करते हुये कहा कि इसी मानसिकता के तहत काम करते हुये प्रदेश के मुख्यमंत्री ने लखनऊ मेट्रो रेल के ’’ट्रायल रन’’ भी खुद ही शुरु करने की अपनी बचकानी जि़द को आज यहाँ पूरा कर लिया.


उन्होंने कहा कि अच्छा होता कि वह थोड़े दिन और इन्तज़ार कर लेते और 26 मार्च 2017 को मेट्रो रेल का औपचारिक संचालन शुरु होता तब इसका उद्घाटन करते, जैसी कि परम्परा रही है, लेकिन ऐसा लगता है कि सपा सरकार के प्रमुख को यह पूरा विश्वास हो चुका है कि वह अब सत्ता में वापस लौटने वाले नहीं हैं और इसलिये यह सरकार इस प्रकार की बचकानी आपाधापी व उतावलापन दिखा रही है.


मायावती ने आज यहाँ एक बयान में कहा कि लखनऊ से पहले नोएडा व गाजियाबाद में भी मेट्रो रेल का संचालन शुरू किया जा चुका है, लेकिन उस समय सब कुछ परम्परा के अनुसार शालीनतापूर्वक ही किया गया था. उन्होंने कहा कि लखनऊ की महत्त्वपूर्ण मेट्रो रेल परियोजना बहुजन समाज पार्टी की सरकार द्वारा वर्ष 2008 में ही प्रारम्भ की गई थी. फरवरी 2008 में डी.एम.आर.सी. और एल.डी.ए. के बीच में अनुबन्ध हुआ था और इसका सरकारी गजट टेक्नीकल सर्वे जुलाई 2008 में हुआ और अक्टूबर 2008 में एल.डी.ए. द्वारा इस परियोजना की कार्य योजना को स्वीकृत दी गई. इसके बाद जुलाई 2011 में इसकी डी.पी.आर. केन्द्र सरकार को भेज दी गई थी अर्थात नोएडा मेट्रो रेल के संचालन के बाद इस लखनऊ मेट्रो रेल के लिये भी तमाम बुनियादी काम बी.एस.पी. की सरकार में ही पूरे कर लिये गये थे, जिसे पूरा करने में वर्तमान सपा सरकार ने पूरे साढ़े चार वर्षों का लम्बा समय लगा दिया है जबकि इसके औपचारिक उद्घाटन में अभी भी काफी वक्त बाकी है.


इतना ही नहीं बल्कि प्रदेश की सपा सरकार के मुखिया ने नियम-कानून को ताक पर रखकर काफी मनमाने ढंग से सरकार चलाने का काम अब तक किया है, जिससे भी शासन-प्रशासन में अराजकता फैली हुई है और इसी कारण सपा शासनकाल की अब तक नियुक्तियों के साथ-साथ जो भी बड़े-बड़े आर्थिक फैसले लिये गये हैं उनकी भी जाँच अगली सरकार में जरुर करायी जायेगी.


इसके साथ ही, प्रदेश के कीमती व महत्वपूर्ण इलाकों में सपा सरकार द्वारा बड़ी संख्या में जमीन आदि के लेन-देन के शिकायतों की भी जाँच सरकार बनने पर जरुर होगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. उन्होंने कहा कि देश में भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों के खिलाफ नियम व कानून का एक समान रुप से लागू नहीं होना चिन्ता की बात है. इस सन्दर्भ में विदेशी कम्पनियों से धन लेने के मामले में जनता के साथ-साथ खासकर भाजपा व कांग्रेस पार्टी के खिलाफ समुचित कार्रवाई नहीं होने से यह भ्रान्ति फैल रही है कि देश में कानून को एक समान रुप से लागू नहीं किया जा रहा है.


इन बातों से यह भी और ज्यादा स्पष्ट हो जाता है कि खासकर भाजपा व कांग्रेस एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं तथा बड़े-बड़े पूँजीपतियों व धन्नासेठों के धनबल पर अपनी पार्टी चलाते हैं और सरकार बन जाने पर उनका कर्ज चुकाने के लिये उन्हीं के इशारों पर ही जनविरोधी कार्य भी करते हैं, जिससे जनता को काफी सावधान रहने की जरूरत हैं.

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