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तो क्या मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस में बोला झूठ ! आप भी पढ़कर चौंक जाएंगे

 Abhishek Tripathi |  2016-12-27 07:30:17.0

Mayawatiतहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ. बसपा सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को अपनी प्रेस कांफ्रेंस भाई आनंद कुमार के बैंक खातो को ले कर ऐसा बयां दिया है जो तथ्यों के मुताबिक झूठ दिखाई देता है । मायावती ने लखनऊ में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे भाई आनंद कुमार के बैंक अकाउंट में जिस समय पैसा जमा किया गया, उस समय कोई नोटबंदी नहीं थी। ऐसे में सिर्फ लोगों द्वारा दिया गया पैसा ही बैंक में जमा किया गया है। साथ ही मायावती ने यह भी कहा कि मुझे भी नियम-कानून पता है।


मगर यदि तथ्यों को देखे तो मायावती का यह कथन झूठ दिखाई देता है क्योंकि आनंद कुमार के बैंक अकाउंट में एक नवंबर से लेकर 23 दिसंबर तक 1 करोड़ 43 लाख रुपए जमा किए गए हैं। जबकि पीएम मोदी के ऐलान के मुताबिक, 8 नवंबर की रात 12 बजे से ही नोटबंदी लागू है।


ऐसे जमा की गई थी रकम
दिल्ली के यूनियन बैंक की करोल बाग ब्रांच में मायावती के भाई आनंद कुमार का भी बैंक एकाउंट है। मंगलवार को आनंद कुमार के बैंक एकाउंट की डीटेल भी सामने आई उससे पता चला कि एक नंवबर से 23 दिसंबर तक आनंद कुमार के बैंक एकाउंट में 1 करोड़ 43 लाख रुपए की रकम जमा की गई है। इनमें से भी 18 लाख 98 हजार रुपए कैश के तौर पर जमा किए गए थे। दो दिन में ये पैसा जमा किया गया। पहले 9 दिसंबर को आनंद कुमार के बैंक एकाउंट में 6 लाख 78 हजार रुपए जमा हुए, उसके बाद 16 दिसंबर को दो अलग-अलग डिपोजिट के तौर पर 12 लाख बीस हजार रुपए जमा करवाए गए।


50 कंपनियों का मालिक है आनंद कुमार
मायावती के भाई आनंद कुमार पर पहले भी गलत तरीके से ट्रांजैक्शन करने के आरोप लग चुके हैं। आनंद का काफी पैसा रियल एस्टेट बिजनेस में लगा हुआ है। यूपी में मायावती की सरकार के दौरान ये बात सामने आई थी कि आनंद करीब 50 कंपनियों के मालिक हैं। बीजेपी MP किरीट सोमैया ने आरोप लगाया कि आनंद कुमार ने नोएडा अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह के साथ मिलकर घूस की रकम से SHELL कंपनियां बनाई थी और इसी पैसे से बेनामी प्रॉपर्टी खरीदी।


नियमों से जमा हुआ पैसा
मायावती ने कहा कि बीजेपी के इशारे पर जानबूझकर बसपा की छवि ख़राब करने के लिए ऐसी खबर दिखाई जा रही है। उन्‍होंने कहा कि एक-एक पैसे का हिसाब है और ईमानदारी का पैसा है। मायावती ने कहा कि जब पैसा जमा किया गया था तब नोटबंदी नहीं थी। बसपा के खाते में पैसा नियमों के मुताबिक जमा हुआ। लोगों द्वारा दिया गया पैसा जमा कराया।

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