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भाजपा लोगों के दुःख-तकलीफ की अनदेखी कर रही है : मायावती

 Vikas Tiwari |  2016-11-11 14:05:31.0

Mayawati

तहलका न्यूज़ ब्यूरो 

लखनऊ. बसपा सुप्रीमो मायावती ने केन्द्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा व उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर 500 व 1,000 रूपये के नोट तत्काल प्रभाव से बन्द करने के फलस्वरूप देश की लगभग समस्त सवासौ करोड़ लोगां की दुःख-तकलीफ व जनपीड़ा को देखने के बावजूद भी उसकी घोर आपराधिक अनदेखी करने की तीखी आलोचना करते हुये कहा कि भाजपा के इस तानाशाही व अहंकारी व्यवहार की सजा जनता उसे जरूर देगी।
भाजपा अध्यक्ष  अमित शाह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये  मायावती ने कहा कि देश में कालेधन व भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के नाम पर केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा दिनांक 8 नवम्बर की रात को जो तानाशाही रवैये को दर्शाने वाला व आर्थिक इमरजेन्सी लगाने वाला फैसला लिया गया है तो उससे खासकर देश के करोड़ों गरीबों व मेहनतकश तबके के लोगों को जो पिछले कई दिनों से पीड़ा हो रही है, तो उनकी इस पीड़ा को अपनी पीड़ा समझकर ही बी.एस.पी. ने कल अपनी सख्त प्रतिक्रिया केन्द्र की सरकार के उपरोक्त फैसले के खिलाफ व्यक्त की है। और जब देश की शासक पार्टी अपने देशवासियों व आम नागरिकों की पीड़ा को भी नहीं समझ पाये तो ऐसी सरकार के बुरे दिन आने अब ज्यादा दिन दूर नहीं लगते हैं, यह जनता में आमचर्चा भी है।

इसके साथ ही, केन्द्र सरकार के लिये अंधभक्ति वाले समर्थन में भाजपा अध्यक्ष का यह कहना कि केन्द्र के इस फैसले से बी.एस.पी. के लिये ‘‘आर्थिक इमरजेन्सी‘‘ या आपातकाल होगा, तो इस सम्बन्ध में भी बी.एस.पी. की प्रमुख मायावती  ने यह कहा है कि भाजपा अध्यक्ष  अमित शाह को शायद यह मालूम नहीं है कि जमीन से जुड़े बी.एस.पी. के छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं ने कठिन से कठिन समय में भी अपनी पार्टी को कभी आर्थिक तकलीफ नहीं होने दी है और वे पूरे तन, मन, धन से हमेशा ही बी.एस.पी. मूवमेन्ट को सहयोग करते रहे हैं और जिससे पूरा देश वाकिफ है। ऐसे में  अमित शाह जानकर भी अंजान बने रहे तो फिर इसका कोई क्या कर सकता है?

मायावती  ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी सरकार का लगभग आधा कार्यकाल पूरा हो गया है परन्तु भ्रष्टाचारी लोगों को व विदेशों आदि में कालाधन रखने वाले एक भी व्यक्ति को ऐसी सख्त सजा नहीं दिलायी जा सकी है कि उस तबके को सदमा पहुँचे। फिर भी 500 व 1,000 रूपये का नोट अचानक ही बन्द करके देश के करोड़ों गरीब व मेहनतकश एवं मध्यम आय वर्गीय तबके को जो सदमा व आघात पहुँचाया गया है, वह इस भाजपा सरकार के गरीब विरोधी व बड़े-बड़े पूँजीपतियों व धन्नासेठों की समर्थक पार्टी व उस जैसी ही सरकार चलाने के चाल, चरित्र व चेहरे को और ज्यादा बेनकाब करता है। इसके साथ ही केन्द्र की भाजपा सरकार के इस अधकच्चे व अपरिपक्व फैसले से जो देश की विशाल जनसंख्या को सदमा व आघात पहुँच रहा है, तो यह अति गम्भीर व गहरी चिन्ता की भी बात है।
जिसे मध्यनजर रखते हुये उन्होंने बीजेपी व केन्द्र में इनकी सरकार को यह भी सलाह दी है कि वे अपने इस अधकच्चे व अपरिपक्व लिये गये फैसले में, जो भी गम्भीर कमियां है तो उन्हें छिपाने की बजाय, जल्दी ही दूर करने का प्रयास करें।

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