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मायावती ने दी होशमंदी की सलाह

 Sabahat Vijeta |  2016-07-21 16:51:53.0

mayawati profile
लखनऊ. बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने देश भर के उन तमाम लोगों का तहेदिल से शुक्रिया व आभार प्रकट किया है जो काफी बड़ी संख्या में आज सड़कों पर निकले और दलित की बेटी नहीं बल्कि देश की बेटी के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान को ठेस पहुँचाने के लिये अभद्र, अशोभनीय व घोर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति व उसकी दूषित जातिवादी मानसिकता का जबर्दस्त प्रतिरोध करते हुए उसकी निन्दा की.


मायावती ने कहा कि दलित की बेटी से ज्यादा देश की एक बेटी के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के मामले को सर्वसमाज व उसमें से भी ख़ासकर दलितों, पिछड़ों व धार्मिक अल्पसंख्यक समाज में से विशेषकर मुस्लिम समाज आदि के लोगों ने जिस प्रकार से इस मामले में अपनी नाराज़गी व रोष को शांतिपूर्वक प्रकट किया है वह निश्चित रूप से बी.एस.पी. मूवमेन्ट के ‘‘समतावादी सामाजिक व्यवस्था‘‘ के लक्ष्य की प्राप्ति में ज़बर्दस्त मददगार साबित होगा.


ख़ासकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मुख्य हज़रतगंज चौराहे में जिस प्रकार से स्वतः काफी बड़ी संख्या में जमा होकर सर्वसमाज के लोगों ने जातिवादी मानसिकता के क्रूर व्यवहार के विरूद्ध आक्रोश व्यक्त किया है उससे समाज को एक नई सकारात्मक दिशा मिलेगी और ऐसी ग़लत घोर जातिवादी मानसिकता रखने वाले तत्वों को आइन्दा ऐसा घृणित कार्य करने से पहले दस बार सोचने की ज़रूरत पड़ेगी.


मायावती ने ऐसी घोर जातिवादी व अभद्रता के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिये सभी राजनीतिक दलों व उनके नेताओं का भी धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि यह बहुत ही अच्छी बात होती अगर भाजपा का नेतृत्व स्वयं ही आगे बढ़कर उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी को निलम्बित करने के साथ-साथ उसके खिलाफ स्वयं ही कानून की सख़्त धाराओं व एस.सी / एस. टी. कानून के तहत मुकदमा दर्ज कराकर उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित कराती.


वैसे तो उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार का रवैया सर्वसमाज- विरोधी व ख़ासकर दलितों व अति-पिछड़ों एवं मुस्लिम समाज के लोगों के प्रति जातिवादी व उपेक्षा एवं तिरस्कार का रहा है, परन्तु इस वर्तमान घटनाक्रम में भी उसकी नीयत सही व साफ नहीं लगती है. अगर ऐसा नहीं होता तो उत्तर प्रदेश की सपा सरकार घटना के उजागर होने के तुरन्त बाद ही इसका स्वतः संज्ञान लेकर सम्बन्धित दोषी व्यक्ति के खिलाफ फौरन मुकदमा दायर करके उसे गिरफ्तार कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. अब बी.एस.पी. द्वारा इस सम्बंध में मुकदमा दायर कराने के बावजूद दोषी की अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है. इन बातों से सपा सरकार की नीयत पर लोगों को शक पैदा होना स्वाभाविक है. इस मामले में देश भर के लोगों की भावनाओं की कद्र करते हुये प्रदेश की सपा सरकार को बिना किसी कोताही के दोषी व्यक्ति की फौरन गिरफ्तारी सुनिश्चित करनी चाहिये.


मायावती ने कहा कि वह जानती हैं कि इस प्रकार की घिनौनी वारदात के कारण सर्वसमाज के लोगों व ख़ासकर दलितों, अन्य पिछड़ों व धार्मिक अल्पसंख्यकों में से मुस्लिम, ईसाई, सिख आदि में काफी ज़्यादा गम व गुस्सा है, किन्तु उन्हें धैर्य व शान्ति से काम लेने की ज़रूरत है क्योंकि जातिवाद के विरूद्ध संघर्ष काफी लम्बा है और इसमें होशमंदी से काम लेने की ज्यादा जरूरत है.

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