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28 मई को पूरी दुनिया मनायेगी मासिक स्वच्छता दिवस

 Sabahat Vijeta |  2016-05-27 14:22:04.0

तहलका न्यूज़ ब्यूरो


napkinsलखनऊ. कल 28 मई को पूरी दुनिया अंतर्राष्ट्रीय मासिक स्वच्छता दिवस के रूप में मनायेगी. जर्मनी की एक संस्था वाश (WASH ) ने वर्ष 2014 में इसको मनाने की पहल की थी. इस पहल का मकसद दुनिया भर में मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों को कम करने और उसके दौरान रखी जाने वाली साफ़-सफाई के बारे में जानकारी पहुंचाना भर था.


मासिक धर्म एक प्राकृतिक एवं सामान्य प्रक्रिया है जिसके साथ बहुत सारी भ्रांतियां एवं मिथक जुड़े हुए हैं जो युवा महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालते हैं. मासिक चक्र स्वच्छता प्रबंधन अथवा मेन्सत्रुअल हाईजीन मैनेजमेंट यह केवल सेनिटरी नैपकिन का वितरण एवं उसकी उसके बारे में प्रशिक्षण देना मात्र नहीं है बल्कि इसके तहत मासिक चक्र के विषय पर किशोरियों और महिलाओं को जागरूक करना, उस दौरान साफ़ सफाई का ध्यान रखना, सेनेटरी पैड या साफ़ कपड़े का इस्तेमाल एवं सुरक्षित निस्तारण भी उतना ही आवश्यक है. इन व्यवहारिक बातों का ध्यान रखने से प्रजनन के संक्रमण और बीमारियों से बचाव संभव है.


सांसद सुश्री डिंपल यादव ने पोषण व किशोरी स्वास्थय को प्राथमिकता में रखते हुए इनसे जुड़े तमाम पहलुओं पर कार्यक्रम शुरू किये. इनमें सेवा प्रदातों को ट्रेनिंग देने से लेकर जागरूकता फैलाना, व इनसे जुड़ी सामग्री की उपलब्धता व वितरण सुनिश्चित करना शामिल है. डिंपल यादव ने कहा कि महिला एवं किशोरियों में स्वच्छता की आदत बनेगी तो परिवार स्वास्थ्य रहेगा और बीमारियों में कमी आने से पारिवारिक आमदनी भी बढ़ेगी. उन्होंने सस्ते दर पर सेनेटरी नैपकिन की उत्पादन एवं उपयोग पर जोर दिया. उत्तर प्रदेश जैसे बड़े, घने व विविध राज्य में शुरुआती दौर में कठिनाइयां भी देखी जा रही हैं.


किशोरी स्वास्थय में ख़ासतौर से माहवारी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार की तरफ से कई प्रयास किये जा रहे हैं. स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अंचलों में रहने वाली लड़कियों एवं महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए सितम्बर 2015 से पंचायत उद्योगों द्वारा दिशा नाम से सेनेटरी नैपकिन का उत्त्पादन शुरू किया है. इन नैपकिन को कारागार विभाग, बेसिक शिक्षा एवं चिकित्सा विभाग द्वारा बाज़ार से कम भाव पर खरीद कर कारागार में रहने वाली महिला कैदियों, कस्तूरबा गांधी में पड़ने वाली छात्राओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं में आने वाली प्रसूताओं और किशोर किशोरियों को वितरित किया जाता है.


यही सेनेटरी नैपकिन खुले बाज़ारों में भी सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं जिसे लडकियां ख़ुद भी ख़रीद सकती हैं; 6 पीस वाले एक पैकेट की कीमत 15 रूपए है और 8 पीस के एक पैकेट की कीमत 20 रूपए है.


किशोरी सुरक्षा योजना के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों और परिषदीय विद्यालयों में कक्षा 6 से कक्षा 12 तक की छात्राओं जिनको माहवारी प्रारंभ हो गई हो को निशुल्क सेनेटरी नैपकिन दिए जाने का प्रावधान है. किशोरी सुरक्षा योजना के अंतर्गत वर्ष 2015-16 में बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कक्षा 6 से 8 तक की छात्राओं की 25917 की संख्या के सापेक्ष 103668 सेनेटरी नेपकीन ब्लाक रिसोर्स सेन्टर के माध्यम से वितरित किये जाने हैं.


इसके साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को 8205 की मांग के सापेक्ष 32820 पैकेट सेनेटरी नैपकिन सामुदायिक चिकित्सा केंद्र द्वारा वितरित किये जाने हैं

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