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शहीद विवेक सक्सेना का स्मारक और मूर्ति लोकार्पित

 shabahat |  2017-01-08 10:32:29.0



लखनऊ. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज अमर शहीद बीएसएफ के सहायक कमाण्डेंट विवेक सक्सेना की पुण्य तिथि पर मीरनपुर पिनवट, दरोगा खेड़ा, कानपुर रोड पर उनके स्मारक एवं प्रतिमा का लोकार्पण किया. 8 जनवरी, 2006 को मणिपुर में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुये सहायक कमाण्डेंट विवेक सक्सेना वीरगति को प्राप्त हुये थे. इस अवसर पर उनके पिता आर.एस. सक्सेना अवकाश प्राप्त फ्लाईट लेफ्टिनेंट, ग्रुप कैप्टन एम.जे. अगस्टीन स्टेशन कमाण्डर मेमोरा, विंग कमाण्डर विकास भटनागर व अन्य विशिष्टजन उपस्थित थे.


राज्यपाल ने शहीद विवेक सक्सेना को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये कहा कि मात्र 33 वर्ष की उम्र में उन्होंने शहादत पायी. उनके साहस और वीरता के कारण उन्हें शौर्य चक्र और पुलिस पदक से सम्मानित किया गया. यह सम्मान देश की ओर से उनके प्रति कृतज्ञता है. शहीदों के याद में स्मारक निर्माण करना देश सेवा का मंदिर बनाने जैसा है. उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजन को यह विश्वास दिलाने की जरूरत है कि वे अकेले नहीं हैं बल्कि पूरा समाज और सरकार उनके साथ है. राजभवन के दरवाजे शहीदों के परिजनों के लिये सदैव खुले हैं. सैनिकों के लिये देश की रक्षा करते हुये शहीद होने से बड़ा कोई अलंकार नहीं है. शहीदों का सम्मान करना नयी पीढ़ी के लिये अच्छा संस्कार है. उन्होंने कहा कि देश के लिये कुर्बानी देना ही हमारा कर्तव्य और सबसे बड़ा धर्म है.

श्री नाईक ने कहा कि देश के सुरक्षा बल विषम परिस्थितियों में देश की सुरक्षा करते हैं जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. वे देश की सीमा पर साल के 365 दिन और दिन के 24 घंटे सजग रहकर निगरानी करते हैं ताकि हम चैन की नींद ले सकें. अपना देश एक है लेकिन धर्म, संस्कृति एवं भाषायें अनेक हैं, लेकिन कश्मीर से कन्याकुमारी तक सभी भारतीयों की धारणा एक है. इतनी भिन्नता के बावजूद पूरा देश एक है जो अपने आप में महत्व की बात है. इसी प्रकार देश की रक्षा करने वाले सैनिकों का यही प्रयास होता है कि देश पर हमला करने वालों को परास्त कर अपने कर्तव्य का निर्वहन करें. हमारे सैनिक अलग-अलग वर्ग एवं भाषाओं के हो सकते हैं लेकिन उनका कर्तव्य एक है. भारतीय सुरक्षा बल इसकी मिसाल है. उन्होंने कहा कि सैनिकों के कर्तव्य से हम सबको प्रेरणा मिलती है.

राज्यपाल ने कहा कि सैनिकों के पराक्रम और साहस के कारण 1971 में भारत पाक युद्ध में देश की सेना ने विजय प्राप्त की थी. उसी प्रकार कारगिल युद्ध में भी देश की विजय हुयी थी. शहीदों के परिजन को ध्यान में रखते हुये जब वे पेट्रोलियम मंत्री थे तो उन्होंने प्रस्ताव रखा कि ऐसे परिजनों को पेट्रोल पम्प व गैस एजेन्सी आवंटित की जाये जिससे उनके जीविकोपार्जन में कोई कठिनाई न आये. उन्होंने अपने एक सहयोगी डॉ. पयी के पिता के निधन का उल्लेख करते हुये बताया कि डॉ. पयी की माँ ने अपने पति के निधन के बाद सारे गहने सौपते हुये कहा कि इसे प्रधानमंत्री राहत कोष में शहीदों के नाम पर दे दिया जाये. उन्होंने कहा कि महिलाओं में देशभक्ति के स्वाभाविक प्रकटीकरण का यह एक उदाहरण है.

श्री नाईक ने कहा कि हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा जनतांत्रिक देश है. राज्य के हित के लिये बने नियम का पालन होना चाहिए. इसी दृष्टि से उन्होंने कई कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिये चुनाव आयोग की राय भी जाननी चाही थी. उन्होंने उपस्थित लोगों का आह्वान किया कि प्रदेश में विधान सभा के चुनाव घोषित हुये हैं जिसमें 403 सदस्यों के लिये चुनाव 7 चरणों में कराये जायेंगे. उत्तर प्रदेश आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा प्रदेश है. विश्व के केवल चार देश ही आबादी में उत्तर प्रदेश से बड़े हैं. संविधान द्वारा मतदान करने के लिये 18 वर्ष से ऊपर के सभी नागरिकों को अधिकार प्राप्त है. 2012 के विधान सभा चुनाव में प्रदेश में 12.74 करोड़ मतदाता थे जिसमें केवल 59.52 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया तथा 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश में 13.88 करोड मतदाताओं में केवल 58.27 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया जिसका मतलब यह है कि करीब 40 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान नहीं किया. मतदान किसको करना है यह हर व्यक्ति का विशेषाधिकार है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिये शत-प्रतिशत मतदान हो और सभी लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करें इसके लिये लोगों में जागरूकता लाने की आवश्यकता है. राज्यपाल ने चरैवेति! चरैवेति!! श्लोक को उद्धृत करते हुये कहा कि हमें देश के विकास एवं प्रगति के लिये निरंतर आगे बढ़ते रहने का प्रयास करते रहना चाहिए. ग्रुप कैप्टन एम.जे. अगस्टीन ने भी अपने विचार रखे.

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