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काम, क्रोध, लोभ जैसे विकारों को दूर करती भगवान की कथा: पं. श्रीकांत शर्मा

 Sabahat Vijeta |  2016-12-08 16:29:04.0

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श्री श्याम परिवार लखनऊ द्वारा चल रही श्रीमद् भागवत कथा का चौथा दिन


लखनऊ. भगवान जब हृदय में प्रकट होते हैं, तब मानव का कल्याण होता है. प्रभु हृदय सिंघासन पर आये इसी लिए कथा सुनी जाती है. काम, क्रोध, लोभ मानव को कमजोर करते हैं. जब तक ये रहते हैं तब तक प्रभु की कृपा मिलने वाली नही है. यह बात श्री श्याम परिवार लखनऊ की ओर से बीरबल साहनी मार्ग स्थित श्री खाटू श्याम मन्दिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को कोलकाता के बाल व्यास पं. श्रीकांत शर्मा ने व्यक्ति किये.


उन्होंने कहा कि जहां काम वहां राम नही, जहा राम वहां काम नही. कथा काम, क्रोध, लोभ आदि विकारों को दूर करती है. काम मानव का शत्रु है. लकिन वह मित्र के समान प्रतीत होता है. जब वह हटता है राम का प्रवेश होता है. भगवान सभी को सूर्य की तरह समभाव से प्रकाश देते हैं. वह सबको उसके अनुकूल फल देते हैं.


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उन्होंने कहा कि भगवान जीव को आनन्द देने के लिए लीला करते है. भगवान मित्र का कल्याण करते ही है वे शत्रु का भी कल्याण करते हैं. शिशुपाल जैसे ही उन्होंने एक हजार झूठ बोलने के बाद मारा. उसके शरीर से ज्योति निकलकर प्रभु के चरणों में लुप्त हो गई. भगवान ने उसे भी अपना लिया. भगवान के यहां दृष्टि है ही नही.


नवधा भक्ति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि श्रवण, मनन, कीर्तन, वंदन, आत्म निवेदन आदि में किसी एक कस भी सहारा लिया जाये तो भगवान मिल जाते हैं. जब सभी खा लेते हैं भगवान तब भोजन करते हैं. वह देखते रहते हैं कि कही उनका भक्त भूखा तो नही. इस तरह की स्थिति आती है तो वो खुद उनके लिए भोजन की व्यवस्था कराते हैं. इस लिए जो हरिदास होता है वह कभी उदास नही होता है. प्रहलाद और मीरा जैसे भक्त हंसते-हंसते जहर पी लेते है और उनका उन पर कोई असर नही होता. इसलिए कहा जाता है जगत के लिए रोना पागलपन है. रोना है तो भगवान के लिए भजन करते रहना चाहिए. इस जगत को प्रसन्न करना बहुत कठिन है लेकिन भगवान को प्रसन्न करना बहुत आसान है. प्रसन्न करने का प्रयास करना चाहिए. बाल व्यास जी महाराज ने कहा कि भक्त की रक्ष स्वयं भगवान करते हैं. समुद्र मंथन से एक बार चौदह रत्न मिले पर आत्म मंथन सबसे बड़ा है. जिससे परमात्मा प्राप्त होते हैं.


व्यास जी ने कहा कि जिसके रक्षक श्रीराम हो उसे कोई मार नही सकता, जो प्रभु का दास हो हार नही सकता. कथा में राम जन्म उत्सव मनाया गया. व्यास जी ने कहा कि राम के लिए ब्रम्हा विद्यमान है पर राम हमारे देश के वर्तमान है. संगीतमयी कथा में जब ‘नन्द के आनन्द भयो’ का गीत शुरु हुआ तो पण्डाल जयकारों से गूंज उठा.


कथा में श्री श्याम परिवार लखनऊ के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, महामंत्री सुधीर कुमार गर्ग, कोषाध्यक्ष रुपेश अग्रवाल, मीडिया प्रभारी सुधीश गर्ग,राधे लाल अग्रवाल, डा. अनूप कुमार गोयल, ई. आलोक कुमार गोयल आदि लोग मौजूद थे.

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