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एक गुमनाम चिट्ठी के कारण कैलाश हॉस्टल मामले ने लिया आक्रामक रूप

 Tahlka News |  2016-03-16 05:14:08.0

kailash

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ, 16 मार्च. एक गुमनाम चिट्ठी के कारण लखनऊ यूनिवर्सिटी के कैलाश हॉस्टल मामले ने मंगलवार रात को आक्रामक हो गया। हॉस्टल की पूर्व प्रोवोस्ट प्रो. शीला मिश्र के समर्थन में उतरे छात्रों की मंगलवार रात कुलपति से मुलाकात के बाद पुलिस से भिड़ंत हो गई। पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया तो गुस्साए छात्रों ने कैलाश छात्रवास व लखनऊ विवि रोड पर पथराव कर दिया। उन्हें काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े।


उधर से गुजर रहे टेम्पो में तोड़फोड़ कर छात्रों ने यात्रियों को नीचे उतार दिया। एक प्रोफेसर के घर व गाड़ी में आग लगा दी और हसनगंज इंस्पेक्टर की जीप भी तोड़ डाली। बवाल बढ़ता देख कई थानों की पुलिस बुला ली गई। देर रात तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई थी।


पूर्व प्रोवोस्ट को लेकर कई दिनों से विवाद है। समाजवादी छात्रसभा ने रविवार को एक विवादित वीडियो जारी किया। इस पर विवि प्रशासन ने शीला मिश्र को पद से हटाते हुए हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए। लेकिन प्रो. मिश्र ने इनकार कर दिया।


प्रो. शीला मिश्र और कैलाश छात्रवास प्रकरण को लेकर बुधवार को विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की आपात बैठक बुलाई गई है। ये बैठक दोपहर एक बजे होगी। बैठक में इस प्रकरण पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह पूरा प्रकरण सिर्फ एक गुमनाम चिट्ठी के आधार पर खड़ा किया गया है। हैरानी की बात है कि यह सिर्फ चीफ प्रॉक्टर के पास ही पहुंचती है। हर बार इन्हें बिना किसी जांच के मीडिया में जारी कर दिया जाता है।


प्रोफेसर शीला मिश्र का कहना है कि जिस वीडियो की बात हो रही है यह दो-ढाई साल पहले पारिवारिक होली उत्सव का है। मेरे जिस बेटे का चरित्र हनन किया जा रहा है, वह दो साल से इस शहर में ही नहीं है। मेडिकल की पढ़ाई कर्नाटक में कर रहा है। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। इस जांच समिति में लखनऊ विश्वविद्यालय का कोई भी पदाधिकारी न हो।

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