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लखनऊ विश्वविद्यालय सभा की अध्यक्षता करने 25 साल बाद पहुंचे राज्यपाल

 Sabahat Vijeta |  2016-04-04 17:29:39.0

gov-luलखनऊ, 4 अप्रैल. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज लखनऊ विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय सभा (कोर्ट) की अध्यक्षता करते हुए कहा कि ‘पूर्व में परम्परा रही है कि सभा की अध्यक्षता के लिए कुलाधिपति द्वारा कुलपति को अधिकृत कर दिया जाता था। मैंने सोचा कि अध्यक्ष के रूप में स्वयं जाकर देखने से विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली के बारे में अधिक जानकारी मिल सकेगी।‘ उल्लेखनीय है कि गत 25-30 वर्षों में किसी राज्यपाल ने विश्वविद्यालय सभा की बैठक की अध्यक्षता की है।

राज्यपाल ने कहा कि वे राज्य के 25 विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं। अब तक आयोजित तीन कुलपति सम्मेलनों में विश्वविद्यालयों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार-विनिमय हुआ है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता बढाने के लिए सफल प्रयोग हुए हैं। परीक्षाएं समय पर हो रही हैं। नकलविहीन परीक्षाओं एवं समय से परीक्षा परिणाम के लिए भी उचित दिशा निर्देश उनके द्वारा दिए गये हैं।


श्री नाईक ने बताया कि 25 में से 3 विश्वविद्यालय ऐसे हैं कि जिनमें छात्र उपाधि प्राप्त करने के स्तर तक नहीं पहुंचे हैं। शेष 22 विश्वविद्यालयों में से 21 में दीक्षान्त समारोह हो चुके हैं और डाॅ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ का दीक्षान्त समारोह शीघ्र सम्पन्न होना है। उन्होंने कहा कि सम्पन्न सभी दीक्षान्त समारोह में हैट एवं गाउन के स्थान पर भारतीय परिधान धारण किये गये तथा पदक प्राप्त करने वालों में 65 प्रतिशत छात्रायें थी।


राज्यपाल ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिये गये हैं। लगभग 10 वर्षों के बाद विश्वविद्यालय में 200 रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरु की गई है। जिनमें से 27 पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी है। 100 शिक्षकों को प्रोन्नति का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को भरे जाने से शिक्षा की गुणवत्ता में निश्चित रुप से सुधार आएगा। उन्होंने बताया कि कुलपतियों का कार्यकाल पांच वर्ष करने हेतु उनके द्वारा राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है जो अभी विचाराधीन है। लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा ए ग्रेड नैक ग्रेडिंग प्राप्त करने हेतु तैयारियाँ की जा रही हैं।


तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग (ओएनजीसी) शोध केंद्र के भवन निर्माण के लिए रुपये 10 करोड़ की राशि ओएनजीसी द्वारा दी गई है। तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग उच्च अध्ययन केन्द्र के भवन का शिलान्यास गत वर्ष 26 मार्च को किया गया था। भवन निर्माण का काम पूरा करने के लिए अतिरिक्त रूपये 10 करोड़ की राशि प्राप्त करने के लिए पट्रोलियम मंत्री को उन्होंने पत्र भी लिखा है।


विश्वविद्यालय सभा की बैठक में पूर्व में हुई बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की गयी, वर्ष 2016-17 के बजट पर भी चर्चा हुई, परीक्षकों के मानदेय बढ़ाने तथा वार्षिक रिपोर्ट की जानकारी भी दी गयी। बैठक में कुलपति प्रो. एस.बी. निम्से, प्रति कुलपति प्रो. यू.एन. द्विवेदी, कुलसचिव डाॅ. अखिलेश कुमार मिश्रा, वित्त नियंत्रक सुरेश चन्द्र उपाध्याय तथा सभा के सदस्यगण उपस्थित थे।

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