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लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर नगर नहीं मंडियां बसाने की तैयारी

 Sabahat Vijeta |  2016-09-02 14:01:43.0

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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और समाजवादी पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे प्रदेश के ग्रोथ हाईवे साबित होंगे: मुख्यमंत्री


उल्लेखनीय कार्य के लिए यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नवनीत सहगल को पुरस्कृत किया

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसी बड़ी परियोजना के लिए बिना किसी विवाद के जमीन की व्यवस्था करने पर सभी को आश्चर्य हो रहा है

परियोजना के लिए भूमि व्यवस्था कराने वाले 10 जनपदों के जिलाधिकारी भी सम्मानित किए गए


लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और समाजवादी पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे प्रदेश के ग्रोथ हाईवे साबित होंगे। आने वाले समय में इन परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश भी लाभान्वित होगा। देश के सबसे लम्बे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को रिकाॅर्ड समय में पूरा कराने में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि इस परियोजना से साबित हो गया है कि सरकारी बुनियादी परियोजनाएं भी टीम वर्क के माध्यम से समय से पूरी की जा सकती हैं।


मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए भूमि क्रय में उल्लेखनीय कार्य करने वाले जिलाधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों के सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सांसद श्रीमती डिम्पल यादव भी उपस्थित थीं।


मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नवनीत सहगल की सूझ-बूझ एवं कर्मठता की प्रशंसा करते हुए कहा कि श्री सहगल विषम परिस्थितियों में भी परियोजनाओं को कुशलतापूर्वक पूरा कराने में दक्ष हैं। उन्होंने श्री सहगल को सम्मानित भी किया।


akh-express wayआगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के कार्य को ऐतिहासिक बताते हुए श्री यादव ने कहा कि जिसने भी इस परियोजना को नहीं देखा, वह कल्पना नहीं कर सकता कि किस प्रकार की बेहतरीन बुनियादी सुविधा का विकास समाजवादी सरकार करा रही है। तमाम प्रयासों के बाद भी जब इस परियोजना पर पीपीपी माॅडल के माध्यम से आगे बढ़ना सम्भव नहीं हो पाया तो इसे ईपीसी पद्धति पर क्रियान्वित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें तत्कालीन प्रमुख सचिव वित्त एवं वर्तमान में पंचम राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष आनन्द मिश्रा का महत्वपूर्ण सहयोग था। उन्होंने कहा कि नेताजी ने परियोजना के शिलान्यास के समय इसके उद्घाटन की तारीख तय करने की बात कही थी, जिसके फलस्वरूप राज्य सरकार इस परियोजना को 22 माह में पूरा करने जा रही है।


इस एक्सप्रेस-वे परियोजना को मूर्त रूप देने में आयी कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी निवेशकों को इस बात का कतई ध्यान नहीं था कि राज्य सरकार द्वारा भी ऐसी परियोजना निर्धारित समय से पहले भी पूरी करायी जा सकती है। उन्होंने भूमि क्रय करने में आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर नगर, उन्नाव, हरदोई एवं लखनऊ के तत्कालीन जिलाधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों को निर्धारित दर का चार गुना भुगतान किया गया। जिसके फलस्वरूप जहां किसानों में आर्थिक खुशहाली आयी, वहीं उन्होंने राज्य सरकार की इस परियोजना के लिए सहर्ष भूमि देने का काम भी किया। उन्होंने भूमि प्राप्त करने की इस व्यवस्था को भारत सरकार सहित अन्य राज्य सरकारों के लिए एक उदाहरण बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी परियोजना के लिए बिना किसी विवाद के भूमि की व्यवस्था करने पर सभी को आश्चर्य हो रहा है।


श्री यादव ने इस एक्सप्रेस-वे परियोजना को लोगों का भाग्य बदलने वाला बुनियादी विकास कार्य बताते हुए कहा कि राज्य सरकार इसके आस-पास नगर बसाने के बजाए मण्डियों की स्थापना कर रही है, जिससे देश एवं प्रदेश के बड़े नगरों को फल, सब्जी एवं दूध आदि आसानी से मिल सकें। राज्य सरकार के इस प्रयास से किसानों को भी भारी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों एवं भविष्य के परिणामों को देखते हुए बड़ी संख्या में निवेशक राज्य में आ रहे हैं। क्योंकि उद्यमियों एवं निवशेकों को पूरा भरोसा है कि आगामी विधान सभा चुनाव के बाद भी समाजवादी सरकार ही सत्ता में लौट रही है। अन्य बड़ी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आगरा इनर रिंग रोड का काम भी तेजी से चल रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस-वे के माध्यम से देश की राजधानी दिल्ली को प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जोड़ने के लाभ को देखते हुए ही राज्य सरकार ने समाजवादी पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की तरह ही इस एक्सप्रेस-वे के लिए आवश्यक करीब 05 हजार हेक्टेयर भूमि की व्यवस्था भी आसानी से हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्वान्चल आर्थिक रूप से पिछड़ा है। इस एक्सप्रेस-वे के माध्यम से पूर्वी उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने आगरा में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण हेतु किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्य सचिव दीपक सिंघल की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि शीघ्र ही यह परियोजना भी आकार लेने लगेगी।


इस अवसर पर मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए जिन अधिकारियों ने सहयोग प्रदान किया, उनको सम्मानित करके मुख्यमंत्री ने एक नई परम्परा की शुरूआत की है। इससे प्रदेश के कर्मठ अधिकारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लिए बनने वाले पुलों एवं अन्य कार्याें में जिस आधुनिक तकनीक का प्रयोग हो रहा है, उसे राज्य की अन्य परियोजनाओं में भी अपनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे के लिए आवश्यक जमीन की व्यवस्था तीन माह में कर ली जाएगी।


मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार आलोक रंजन ने परियोजना के लिए की गई भूमि व्यवस्था को अद्वितीय माॅडल बताते हुए कहा कि इस परियोजना को पूरा कराने के लिए मुख्यमंत्री ने लगातार व्यक्तिगत रूचि ली।


प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी ने एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि की व्यवस्था करने में जिलाधिकारियों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने इस परियोजना के लिए मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि आगामी वर्षाें में परियोजना का लाभ दिखाई पड़ेगा।


इससे पूर्व, यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नवनीत सहगल ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे परियोजना के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि जून-नवम्बर, 2014 में परियोजना के लिए 70 फीसदी जमीन प्राप्त की जा चुकी थी। इस परियोजना के लिए 30 हजार काश्तकारों से मात्र 180 दिनों में करीब 30 हजार रजिस्ट्री करायी र्गइं, यह अपने आप में एक रिकाॅर्ड है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे से सम्बन्धित जनपदों-लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, फैजाबाद, आजमगढ़, मऊ तथा गाजीपुर के जिलाधिकारियों को भी इस समारोह में आमंत्रित किया गया है, जिससे उन्हें प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि अक्टूबर, 2016 से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर वाहन चलने लगेंगे।


समारोह में मुख्यमंत्री ने तत्कालीन जिलाधिकारियों-जनपद आगरा के पंकज कुमार, फिरोजाबाद के विजय किरन आनन्द, मैनपुरी के एस.पी. मिश्र तथा चन्द्रपाल सिंह, इटावा के नितिन बंसल, औरैया की सुश्री माला श्रीवास्तव, कन्नौज के राजेश कुमार एवं अनुज कुमार झा, कानपुर नगर की डाॅ. रोशन जैकब, उन्नाव की सुश्री सौम्या अग्रवाल, हरदोई के रमेश मिश्र तथा लखनऊ के राजशेखर को सम्मानित किया।


इसी प्रकार आगरा के तत्कालीन अपर जिलाधिकारी (भू.अ.) देवेन्द्र कुमार कुशवाहा, आगरा के नागेन्द्र शर्मा, कानपुर के ओम कुमार सिंह, लखनऊ के कृष्ण कुमार गुप्ता एवं शिव प्रसाद आनन्द, फिरोजाबाद के तत्कालीन अपर जिलाधिकारी कर्मेेन्द्र सिंह, मैनपुरी के डाॅ. चन्द्रभूषण त्रिपाठी, इटावा के ज्ञानेन्द्र सिंह, औरैया के इन्द्रपाल उत्तम, कन्नौज के रमेश चन्द्र यादव, उन्नाव के शिवेन्द्र कुमार सिंह तथा हरदोई के विजय कुमार गुप्ता को सम्मानित किया गया।


इनके अतिरिक्त यूपीडा में तैनात तत्कालीन अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी आशुतोष निरंजन, उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी राम सिंघासन प्रेम, महेश प्रसाद, आशुतोष कुमार दुबे, राजित राम गुप्ता, आनन्द मोहन उपाध्याय, आशुतोष कुमार, श्रीमती रश्मि सिंह तथा प्रवीण कुमार को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।


कार्यक्रम में जीओसी मध्य कमान मेजर जनरल विनोद शर्मा, प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल, प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर, प्रमुख सचिव युवा कल्याण एवं खेलकूद श्रीमती अनीता भटनागर जैन, सचिव मुख्यमंत्री पार्थ सारथी सेन शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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