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शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई पर एक डीएम और 4 एसपी का जवाब तलब

 Sabahat Vijeta |  2016-04-27 16:27:56.0


  • शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी: मुख्यमंत्री

  • मुख्यमंत्री प्रदेश स्तर के कार्यालयों द्वारा जन शिकायतों के निस्तारण हेतु की गई कार्रवाई की शीघ्र समीक्षा करेंगे

  • शिकायतों के त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी निस्तारण के लिए समाजवादी सरकार ने देश के पहले एकीकृत पोर्टल ‘जन-सुनवाई’ की व्यवस्था लागू की

  • ‘जन-सुनवाई’ व्यवस्था लागू होने के बाद अब तक 2 लाख से अधिक प्रकरण प्राप्त, लगभग 70 प्रतिशत मामले निस्तारित

  • मुख्यमंत्री ने ‘जन-सुनवाई’ प्रणाली पर जन शिकायतों के निस्तारण पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की


cm akhileshलखनऊ, 27 अप्रैल. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने ‘जन-सुनवाई’ पोर्टल के माध्यम से शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा दिक्कतों के प्रभावी समाधान की व्यवस्था लागू की है। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ‘जन-सुनवाई’ प्रणाली पर जनता की शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरतने वाले एक जिलाधिकारी और चार जिलों के पुलिस प्रमुख का जवाब-तलब किया है। इनमें पीलीभीत के जिलाधिकारी तथा फैजाबाद, कासगंज, देवरिया और बस्ती जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक शामिल हैं।


मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में ‘जन-सुनवाई’ प्रणाली के तहत जनता की शिकायतों के निस्तारण पर की गई कारवाई की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों के समाधान की स्थिति को परखने के लिए जल्द ही वे प्रदेश स्तर के कार्यालय पर इनके निस्तारण की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि शिकायतों के त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी निस्तारण के उद्देश्य से समाजवादी सरकार ने इस साल जनवरी से देश के पहले एकीकृत पोर्टल ‘जन-सुनवाई’ की व्यवस्था लागू की है।


श्री यादव ने इस बात पर बल दिया कि इन्फाॅरमेशन टेक्नोलाॅजी के जरिए सरकार की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के साथ ही, जनता की उम्मीदों को अधिक बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए समाजवादी सरकार ने वर्ष 2015-16 के अपने विकास एजेण्डे में, जनशिकायतों के प्रभावी प्रबन्धन, समाधान और निगरानी के लिए ‘इंटीग्रेटेड ग्रीवान्स रिड्रेसल सिस्टम’ विकसित करने पर जोर दिया, जिससे जनता की सभी शिकायतों को एक प्लेटफाॅर्म पर लाकर, वहीं से उनके समाधान की व्यवस्था की जाए और उनकी निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।


बैठक में अधिकारियों द्वारा यह जानकारी दी गई कि इस वर्ष 25 जनवरी से ‘जन-सुनवाई’ व्यवस्था लागू होने के बाद अब तक 2 लाख से अधिक प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 70 प्रतिशत मामलों का निस्तारण कराया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने अवशेष प्रकरणों का प्राथमिकता पर समाधान किए जाने के निर्देश दिए।


ज्ञातव्य है कि ‘जन-सुनवाई’ व्यवस्था के तहत राज्य में मौजूद विभिन्न शिकायत प्रबन्धन प्रणालियों को एक प्लेटफाॅर्म पर शामिल किया गया है। इसके तहत जनता की सभी समस्याओं एवं शिकायतों को आॅनलाइन एक ही पोर्टल पर प्राप्त किया जा रहा है। ‘ई-मार्किंग’ के जरिए ये शिकायतें और आवेदन सम्बन्धित अधिकारियों और विभागों को इलेक्ट्राॅनिक माध्यम से भेजे जा रहे हैं, जिससे इनके निस्तारण में काफी तेजी आयी है।


इस व्यवस्था के लागू हो जाने से सम्बन्धित विभागों एवं अधिकारियों को शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान और माॅनीटरिंग में सहूलियत हो रही है, जिससे जनता और सरकारी कार्यालयों के बीच सुविधाजनक एवं पारदर्शी तरीके से संवाद कायम हुआ है। आॅनलाइन होने के कारण नागरिक अपनी शिकायतें घर बैठे भी दर्ज करा सकते हैं। साथ ही शिकायतकर्ता किसी भी समय अपनी शिकायतों के निस्तारण की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। इससे जनता को राज्य सरकार के किसी आॅफिस या विभाग में आने-जाने की अनावश्यक दौड़-भाग से छुटकारा भी मिल गया है।


मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, तहसील दिवस, जन सुविधा केन्द्रों, लोकवाणी केन्द्रों के साथ-साथ आॅनलाइन की गयी शिकायतें किस पड़ाव तक पहुंची हैं, इसका पता भी ‘जन-सुनवाई’ पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। इस व्यवस्था के तहत शिकायतकर्ता को शिकायत के रजिस्ट्रेशन, समाधान सहित हर पड़ाव पर एसएमएस के माध्यम से सूचित किए जाने की व्यवस्था की गई है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के


लिए शिकायतकर्ता को उसकी शिकायत को दूर करने सम्बन्धी रिपोर्ट को, पोर्टल पर देखने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गयी है। तय समय में हल न निकलने पर शिकायतकर्ता पोर्टल के माध्यम से ही सम्बन्धित अधिकारियों को आॅनलाइन रिमाइण्डर भी भेज सकता है। पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण पर मुख्यमंत्री कार्यालय की लगातार नज़र बनी रहती है।

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