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कट्टर हिंदू छवि वाले योगी आदित्‍यनाथ के सामने होंगी ये 4 बड़ी चुनौतियां

 Abhishek Tripathi |  2017-03-19 06:31:00.0

कट्टर हिंदू छवि वाले योगी आदित्‍यनाथ के सामने होंगी ये 4 बड़ी चुनौतियां

तहलका न्‍यूज ब्‍यूरो
लखनऊ. पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह की सोच के तहत योगी आदित्‍यनाथ को यूपी की सत्‍ता सौंपी गई है। एक संत को सिंघासन पर बिठाने के पीछे मोदी और शाह की रणनीति को अभी तक कोई सही ढंग से समझ नहीं पाया है। लेकिन योगी आदित्‍यनाथ के कंधों पर जिम्‍मेदारियां बहुत होंगी और चुनौतियों का पहाड़ सामने होगा। 325 विधायकों के जनसमर्थन को साथ लेकर चलना भी योगी के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। ऐसे में
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आप सभी को बताने जा रहा है कि कट्टर हिंदू की छवि वाले योगी आदित्‍यनाथ के सामने कौन-कौन सी महत्‍वपूर्ण चुनौतियां हैं...

हिंदूवादी नेता की छवि
सबसे बड़े प्रदेश में उनके सामने चुनौतियां भी पहाड़ों जैसी है। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती खुद की छवि से लड़ने की है। प्रखर हिंदू नेता कि छवि को वह किस तरह मोदी के तरह विकासपुरुष की छवि में ढालेंगे ये सबसे बड़ी चुनौती है। एक भगवा वस्त्रधारी किस तरह देश के सबसे बड़े राज्य का शासन चलाएगा, इस पर सबकी नजरें होंगी। योगी अब तक अपने दबंग तेवर और तल्ख बयानों के लिए जाने ताजे रहे हैं। अतीत में उनके बयान बीजेपी को ही मुश्किल में डाल चुके हैं। ऐसे में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद की छवि को तोड़ने की होगी। उन्हें दिखाना होगा कि वह मठ-मंदिर ही नहीं राजनीतिक सत्ता भी बखूबी चला सकते हैं।

कानून-व्यवस्था
यूपी की कानून-व्यवस्था किसी से छुपी नहीं है। आए दिन होने वाले अपराध और इसमें अफसरों-नेताओं की मिलीभगत ने हालात गंभीर कर दिए हैं। चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा इस पर कानून-व्यवस्था ही रहा था। बीजेपी ने इसे जमकर अपने पक्ष में भुनाया भी। सिर्फ नेताओं ही नहीं यूपी पुलिस के कारनामे भी आए दिन मीडिया की सुर्खियां बटोरते रहे हैं। खासकर, सत्ताधारी नेताओं ने जिस तरह का तांडव मचाया वो दृश्य भी लोगों के जेहन में हैं। मुजफ्फरनगर दंगा ने सरकार और अखिलेश की काबिलियत पर सवाल खड़े किए। हालांकि योगी ने सीएम मनोनीत होने के बाद सबसे पहले डीजीपी को तलब कर कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश देकर अपने तेवर जाहिर कर दिए। लेकिन अगले पांच साल तक यही उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होने जा रहा है।

हिंदू-मुस्लिम
तीखे बयानों के लिए मशहूर योगी ने अपने बयानों से अकसर ही हलचल मचाई है। खास तौर पर हिंदू-मुस्लिम मुद्दे पर उनके बयानों ने कई बार आग में घी का काम किया है। यूपी में लव जेहाद का मु्ददा योगी की ही देन है। इस मुद्दे को उन्होंने बड़े जोर-शोर से उठाया था। लेकिन 2014 के यूपी उपचुनाव में उन्होंने इसका नेगेटिव असर भी देखा। 11 सीटों के लिए हुए उपचुनाव की कमान उन्हें सौंपी गई थी, लेकिन बीजेपी को मुंह की खानी पड़ी। उसने 8 सीटें सपा के हाथों गंवा दी। बीजेपी को महज तीन ही सीटें नसीब हुईं। तब कहा गया था कि योगी को जनता ने नकार दिया है। अब जब वह खुद सीएम हैं तो देखना होगा कि वह लव जेहाद के मुद्दे पर क्या बोलते है? क्या वह पहले की ही तरह बेलाग बयान जारी रखेंगे। विरोधियों ने तो अभी से उनके चयन को सेकुलरिज्म के लिए खतरा बता दिया है।

यूपी की जनता को उम्मीदें
यूपी की जनता ने भारी उम्मीदों के साथ बीजेपी को प्रचंड बहुमत दिया है। बीजेपी ने योगी को कमान देकर सबसे बड़ा दांव खेला है। अगर योगी इसमें कामयाब रहते हैं तो 2019 में मोदी का सफऱ आसान हो जाएगा। इसके उलट वह नाकाम रहते हैं, विवाद का केंद्र बनते हैं तो मोदी की हसरतों को झटका लगेगा। योगी के गर्म तेवर मोदी के लिए मुसीबत का सबब तो नहीं बनेंगे, इसका अंदाजा कुछ ही दिनों में हो जाएगा। बहरहाल, जनता की उम्मीदें मोदी से हैं और मोदी की उम्मीदें योगी से।

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