Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

नन्हें कन्धों से होगा जल्द ही बस्तों का बोझ कम

 Sonalika Azad |  2017-02-16 06:14:33.0

नन्हें कन्धों से होगा जल्द ही बस्तों का बोझ कम

तहलका न्यूज़ ब्यूरो


दिल्ली.
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के स्कूलों में छात्रों को भारी बस्ते से जल्द छुटकारा मिलने वाला है. मानव संसाधन विकास मंत्रलय इसके लिए नए मापदंड बना रहा है. नए नियमों में बस्ते का बोझ न्यूनतम रखने की कोशिश की जाएगी. मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान यह ऐलान किया है.


दरअसल, नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान ये बात कही कि, मैं बच्चों के कन्धों से स्कूल के बस्तों का बोझ कम करने जा रहा हूं. अब उनको भारी बस्ता ढोना जरूरी नहीं है. यह निश्चित रूप से होगा. हम सीबीएसई स्कूलों के लिए नियमों की तैयारी कर रहे हैं ताकि अनावश्यक रूप से किताब और कॉपी नहीं ले जाना पड़े.


मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि सीबीएसइ ने स्कूलों से दूसरी कक्षा तक के छात्रों को स्कूल बस्ता लेकर नहीं आने और 8 वीं कक्षा तक सीमित किताब लेकर आने का निर्देश दिया है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय इन मानदंडों को प्रभावी बनाने के लिए अन्य पहलुओं पर काम कर रहा है.


महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने स्कूलों से शारीरिक दंड को खत्म करने का आह्वान किया है. उन्होंने स्कूलों को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है.

मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, शिक्षा का अधिकार कानून की धारा 17 के तहत बच्चों को शारीरिक दंड देना प्रतिबंधित है. सरकारी और निजी स्कूलों द्वारा इसका सख्ती से पालन कराने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से इस संबंध में निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है.








Tags:    

  Similar Posts

Share it
Top