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मायावती के 14 साला पुराने ओएसडी ने कहा- बहनजी ड्राइवर के कहने पर पूरी पार्टी चला रही हैं

 Ankur |  2017-03-16 18:31:11.0

मायावती के 14 साला पुराने ओएसडी ने कहा- बहनजी ड्राइवर के कहने पर पूरी पार्टी चला रही हैं

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. बसपा सुप्रीमो मायावती पर नेताओं द्वारा कई बार संगीन आरोप लग चुके है. लेकिन यूपी चुनाव के नतीजों के बाद से मायावती के खिलाफ आवाजे आने लग गई है. इस्तीफ़ा देने के बाद मायावती के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) गंगाराम अंबेडकर ने मायावती पर कई तरह के आरोप लगाए है. आप को बता दें कि गंगाराम पिछले 14 साल से मायावती के ओएसडी थे. और उन्होंने बुधवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

गंगाराम ने सतीश चन्द्र मिश्रा को मायावती का ड्राइवर बताते हुए कहा कि बहनजी ड्राइवर के कहने पर पूरी पार्टी चला रही हैं. बहनजी ने एक ड्राइवर के भरोसे पूरी पार्टी सौंप दी है. बहनजी ने एक ड्राइवर के भरोसे पूरी पार्टी सौंप दी है, जबकि उस ड्राइवर को हमारे और बहनजी के मिशन से कोई मतलब नहीं है. उनको रास्ते पर लाने के लिए इस्तीफा दिया है. शायद बसपा परिवार के छोटे सदस्य की बातें समझ में आएंगी तो पार्टी बच जाएगी. हमारा इस्तीफा बहन जी को अलर्ट करने के लिए है.

गंगाराम ने आगे कहा कि बहनजी अब उस ड्राइवर के ही कहने पर चलने लगी हैं. ड्राइवर शॉर्ट कट रास्ता दिखाता तो बहनजी उधर ही चल देती हैं. ऐसे रास्ते और ऐसे लोगों से बच निकलने की जरूरत है. बहनजी को ये भी सोचना चाहिए कि रास्ता कौन सा है और कौन रास्ता दिखा रहा है. कभी-कभी रास्ता दिखाने वालों पर ध्यान देने की आवश्यकता है.

गंगाराम ने इस्तीफे के बारे में कहा कि हमारा इस्तीफा किसी खास मकसद या लालच से नहीं हैं. वरना विधानसभा चुनावों के पहले करते. इस वक्त करने का मकसद बहनजी को ये बताना है कि

, अब भी वक्त है हम 2019 जीत सकते हैं. मैं बसपा परिवार का अपने को छोटा बच्चा मानता हूं हो सकता है, मेरे इस्तीफे से बहन जी की आंखे खुल जाएं. बड़े जिम्मेदारों से सवाल पूछना चाहिए कि कमी कहां रही और क्या समस्या हुई कि लोग छोड़कर जा रहे हैं. हो सकता है घर के छोटे बर्तन की आवाज से बहन जी हमारी तरफ भी ध्यान देंगी. शायद इससे उन्हें याद आएगा कि हमारा मिशन क्या था और किसके कहने पर चल रहे हैं. पेड़ पर जब ज्यादा बगुले बैठने लगते हैं
, तो बाग का माली पूड़ों की छंटाई करता है, या फिर बगुलों का हटाता है. अब बहनजी को तय करना है कि बाग की छंटाई करनी है या बगुलों को हटाना है. क्योंकि ये बगुले बस मलाई चाटते हैं, जमीन पर काम हम करते हैं. फिलहाल बसपा में बगुलों की मौज है.

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