जयललिता की तबियत अब पूरी तरह ठीक : चिकित्सक 

 2016-11-04 16:02:44.0

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चेन्नई, 4 नवंबर (आईएएनएस)| अपोलो अस्पताल ने कहा कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे.जयललिता की हालत पूरी तरह से सुधर गई है। वह बीते 43 दिनों से अस्पताल में इलाज करा रही हैं। अपोलो अस्पताल समूह के चेयरमैन प्रताप सी. रेड्डी ने कहा, "वह (जयललिता) काफी संतुष्ट हैं। उनकी तबियत पूरी तरह से ठीक हो चुकी है और वह समझ पा रही हैं कि उनके आसपास क्या हो रहा है।"


उन्होंने कहा कि यह जयललिता को तय करना है कि वह कब घर लौटना चाहती हैं। इलाज का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पहलू अब पूरा हो चुका है।

जयललिता (68) को बुखार और डिहाइड्रेशन के बाद 22 सितंबर को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

चिकित्सकों ने बाद में कहा कि उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में रहने की जरूरत है, क्योंकि उन्हें संक्रमण है। उन्हें श्वसन रक्षा तंत्र (रेसीपिरेट्री सपोर्ट) पर रखा गया था।

रेड्डी ने कहा कि हालांकि जयललिता ने नहीं पूछा है कि घर कब जाना है लेकिन यह निश्चित ही उनके मन में सबसे पहले आता होगा।

इससे पहले ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के वरिष्ठ नेता सी. पोनाइयन ने आईएएनएस को बताया था कि जयललिता को जल्द ही क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) से एक निजी कक्ष में भर्ती किया जाएगा।

उन्होंने बताया, "फेफड़ों का संक्रमण अब नियंत्रण में है। वह गंभीर स्थिति से बाहर आ चुकी हैं। श्वास प्रणाली को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है। इसका इस्तेमाल कभी-कभी जरूरत पड़ने पर किया जा रहा है।"

उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह से जयललिता को अर्ध ठोस आहार दिया जा रहा था। वह अब लोगों से बात भी करने लगी हैं।

अपोलो अस्पताल के मुताबिक, हृदय रोग विशेषज्ञ, श्वास चिकित्सक, संक्रामक रोगों के सलाहकार, मधुमेह चिकित्सक और एंडोक्रिन्कोलोजिस्ट उनका इलाज कर रहे हैं।

अपोलो अस्पताल ने 21 अक्टूबर को जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा था कि जयललिता लोगों से बात कर रही हैं और अब उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।

पोनाइयन के मुताबिक, यह चिकित्सकों को तय करना है कि जयललिता को कब अस्पताल से छुट्टी दी जाए।

पोनाइयन ने कहा, "अब उनकी हालत में सुधार हो चुका है। बाकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को निजी कक्ष में स्थानांतरित होने के बाद या उनके निवास स्थान पर पहुंचने पर भी सुलझाया जा सकता है।"

उन्होंने कहा कि जयललिता फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रही थीं, जिससे समस्या बढ़ी थी।

वह गहरे संक्रमण के कारण लगभग 18 दिनों तक तेज बुखार से पीड़ित रहीं।

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