Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

IFWJ के जयपुर अधिवेशन में छाया रहा पत्रकार सुरक्षा का मुद्दा

 Sabahat Vijeta |  2016-06-29 14:56:34.0

ifwj-jaypurशबाहत हुसैन विजेता


जयपुर. इन्डियन फ़ेडरेशन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट की 128वीं वर्किंग कमेटी के अधिवेशन में पत्रकारों की सुरक्षा और लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ होने के नाते बाकी तीन स्तंभों जैसी सुविधाओं का मुद्दा पुरजोर ढंग से उठा. देश के 21 राज्यों से आये वरिष्ठ पत्रकारों ने अखबार मालिकों द्वारा मजीठिया आयोग की सिफारिशों के आधार पर पत्रकारों को वेतन न देने के मुद्दे को उठाते हुए इसमें सरकार के हस्तक्षेप की मांग की. पत्रकारों की मांगों का लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक और बीकानेर के सांसद अर्जुन मेघवाल, सांसद ओम बिड़ला और राजस्थान विधान सभा में नेता विपक्ष रामेश्वर लाल डूढ़ी ने समर्थन करते हुए इसे जायज़ बताया और सदन में इन मुद्दों को रखकर इस पर पत्रकारों के हक में फैसला करवाने का वादा किया.


ifwj-kuntal


आईएफडब्ल्यूजे के अधिवेशन में राजस्थान की सूचना निदेशक अनुप्रेरणा कुंतल ने बताया कि राजस्थान सरकार पत्रकारों के प्रति सकारात्मक सोच रखती है और अपने स्तर पर पत्रकारों की बेहतरी के क़दम उठाती रहती है. उन्होंने बताया की आईएफडब्ल्यूजे के कुछ प्रकरण 2002 से सुप्रीम कोर्ट में हैं.


उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार मान्यता प्राप्त पत्रकारों को दुर्घटना बीमा देती है. इस बीमा राशि का 90 फीसदी प्रीमियम राज्य सरकार देती है. अधिवेशन में आईएफडब्ल्यूजे के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमंत तिवारी द्वारा उठाये गए मुद्दे लघु और माध्यम समाचार पत्रों के सम्बन्ध में बनाई गई नीति पर कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेगी और उसकी कोशिश रहेगी कि पत्रकारों का अहित न होने पाए. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे खुद इस अधिवेशन में आना चाहती थीं लेकिन पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों की वजह से जयपुर से बाहर होने की वजह से वह इसमें शरीक नहीं हो पाईं. सूचना निदेशक ने मुख्यमंत्री के सन्देश को पढ़कर सुनाया.


ifwj-jaypur-4 arjun


लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक और बीकानेर के सांसद अर्जुन मेघवाल ने अधिवेशन में बताया कि कामनवेल्थ देशों की मीटिंग में मीडिया को फ्री करने की आवाज़ उठी थी. श्री मेघवाल ने बताया कि कामनवेल्थ देशों ने भारत से प्रेरणा लेकर मीडिया को आज़ादी देने की बात की थी. उन्होंने कहा कि मीडिया के बगैर लोकतंत्र की कल्पना भी नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि भारत सरकार सबका साथ-सबका विकास की बात करती है. वह पत्रकारों के साथ भी अन्याय नहीं होने देगी. श्री मेघवाल ने आश्वस्त किया कि पत्रकारों के हक की बातों को वह लोकसभा में उठाएंगे.


ifwj-kailash


राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने कहा कि इस देश में वर्किंग जर्नलिस्ट का मूवमेंट कमज़ोर हुआ है. उन्होंने कहा कि इस मूवमेंट की अगुवाई पत्रकार खुद करें तो चीज़ें काफी हद तक ठीक हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमला करने वालों की जड़ तक जाना होगा ताकि इसे पूरी तरह से रोका जा सके. उन्होंने कहा कि वर्किंग जर्नलिस्ट एक होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें. उन्होंने आश्वस्त किया कि पत्रकारों की सुरक्षा और उनकी ज़रूरी सुविधाओं के विषय पर वह सरकार से बात करेंगे.


राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर लाल डूढ़ी ने आईएफडब्ल्यूजे के अधिवेशन में देश भर से आये पत्रकारों का स्वागत करते हुए कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है. यह कमज़ोर होगा तो लोकतंत्र कमज़ोर होगा. उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी करने वाले रिटायर होने के बाद सरकार से पेंशन पाते हैं. राजनेता भी विधायक-सांसद से रिटायर होते हैं तो उन्हें पेंशन मिलती है. इसी तरह से पत्रकारों को भी रिटायर होने के बाद पेंशन मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों का हनन न हो इस दिशा में वह हर तरह के सहयोग के लिए तैयार रहेंगे.


सांसद ओम बिड़ला ने कहा कि आज़ादी के आन्दोलन में पत्रकारिता का बहुत बड़ा योगदान रहा है. आज़ाद हिन्दुस्तान में भी कमजोरों के हक की आवाज़ पत्रकार ही उठाते रहे हैं. उन्होंने कहा कि जर्नलिस्ट अभाव में रहकर भी जनता के हक की आवाज़ उठाता है. उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य दोनों जगह पर हमारी सरकार है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं को सदन के भीतर भी रखूंगा और बाहर भी उनके साथ रहूँगा. आईएफडब्ल्यूजे के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमंत तिवारी से उन्होंने कहा कि दो दिवसीय अधिवेशन में जो प्रस्ताव पास हों उसे हमारे पास भेज दें. उन पर सरकार से पाजिटिव निर्णय कराऊंगा.


ifwj-jaypur-2 suman


राजस्थान महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा ने कहा कि राजस्थान की आवाज़ देश की आवाज़ बनती है. उन्होंने कहा कि कोई भी अखबार छोटा-बड़ा नहीं होता. सिर्फ कलम में ताक़त होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य की बात लगती है कि समाज को सुरक्षा देने के लिए संघर्ष करने वाले पत्रकार खुद सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अपनी सुरक्षा के प्रति खुद भी सचेत होना चाहिए. जहाँ पर ज़रुरत हो वहां अपने हक की आवाज़ भी उठानी चाहिए.


ifwj-jaypur-5-umesh


आईएफडब्ल्यूजे की 128वीं कार्यसमिति की इस बैठक में समाचार प्लस चैनल के प्रधान संपादक उमेश कुमार को उपाध्यक्ष की ज़िम्मेदारी दी गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें जो ज़िम्मेदारी मिली है उसे निभाने की पूरी कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा कि मैंने पत्रकारिता में रहकर यह जाना है कि पत्रकारों के लिए किसी सुख-सुविधा की व्यवस्था नहीं है. नौकरी के दौरान उन्हें अच्छी सैलरी नहीं मिलती. उनका पीएफ नहीं कटता और रिटायर हो जाने के बाद उन्हें पेंशन नहीं मिलती.


उन्होंने कहा कि जब तक पत्रकारों की कलम चलती है तब तक उन्हें लोग सलाम करते हैं और जैसे ही वह रिटायर हो जाता है तब कोई उसे पूछने वाला नहीं होता. बिहार के पत्रकार राजदीप की हत्या की घटना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी हत्या के बाद कोई ज़िम्मेदार उन्हें पूछने तक नहीं गया.


उमेश कुमार ने कहा कि जब मैंने दिल्ली से बिहार के सीवान स्थित राजदीप के घर जाने का फैसला किया तो सबसे पहले लखनऊ से हेमंत तिवारी की इस मुद्दे पर साथ रहने की आवाज़ सुनने को मिली. हेमंत जी का साथ मिला और सीवान पहुँचने तक 50 पत्रकार साथ थे. वहां जाकर पता चला कि राजदीप की हत्या में शहाबुद्दीन का हाथ होने की वजह से कोई साथ खड़ा होने को तैयार नहीं था.राजदीप के परिवार में बूढ़े पिता, पत्नी, 7 साल की बेटी और हाई स्कूल में पढ़ने वाला बेटा है.


उमेश कुमार ने बताया कि मैंने उत्तराखण्ड की तीन परियोजनाएं बंद होने की ख़बरें लिखीं और सरकार के खिलाफ पीआईएल की तो मुझ पर 18 मुक़दमे कायम हो गए. मुझ पर ढाई हज़ार का पुरस्कार घोषित कर दिया गया. उमेश कुमार ने कहा कि आज अधिवेशन में जिन मांगों पर चर्चा हो रही है. अगले अधिवेशन में हम यह चर्चा करेंगे कि कितनी मांगें पूरी हो गईं.


ifwj-jaypur-7-km. jha


अधिवेशन में आईएफडब्ल्यूजे के प्रधान महासचिव परमानंद पाण्डेय ने आईएफडब्ल्यूजे के गठन से लेकर अब तक के सफ़र पर बात की. उन्होंने दिल्ली में बने संगठन के नए कार्यालय के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आईएफडब्ल्यूजे के गठन के समय प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने जो सौ रुपये का चेक दिया था उसे संगठन आज तक संभाल कर रखा है.


ifwj-parmanand


परमानन्द पाण्डेय ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट जैसा कानून बनना चाहिए. वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट में संशोधन कर इसमें इलेक्ट्रोनिक मीडिया को भी शामिल करना चाहिए.


ifwj-jaypur-3 hemant


आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी वी मल्लिकार्जुनैया की अध्यक्षता में 27 और 28 जून को हुए अधिवेशन में संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमंत तिवारी ने पत्रकारों पर हो रहे हमलों के मुद्दे को उठाया. उन्होंने कहा कि मीडिया पर नकारात्मक सोच वालों का हमला बढ़ा है. उन्होंने कहा कि जयपुर अधिवेशन पत्रकार सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर बनेगा. उन्होंने कहा कि हमने इसे जयपुर प्रस्ताव का नाम दिया है. संगठन के सचिव सिद्धार्थ कलहंस ने राज्यपाल कल्याण सिंह का सन्देश पढ़कर सुनाया.


राजस्थान यूनीवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो.के.एल. कमल ने मीडिया को समाज का प्रहरी बताते हुए कहा कि उसके बगैर लोकतंत्र की कल्पना ही नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि यह दुःख की बात है कि पत्रकारों को अपनी सुरक्षा के लिए आवाज़ उठानी पड़ रही है. उन्होंने कहा कि मीडिया सुरक्षित नहीं रहेगी तो लोकतंत्र भी सुरक्षित नहीं रह जाएगा.


ifwj-jaypur-6 utkarsh


आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रीय पार्षद उत्कर्ष सिन्हा ने संगठन की कोशिशों से उत्तर प्रदेश में हुए कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि यूपी में मान्यता प्राप्त पत्रकार के असामयिक निधन पर सरकार बीस लाख रुपये तत्काल परिवार को मदद के लिए देती है. उन्होंने बताया कि पत्रकारों से जुड़े मुद्दों पर सीएम अखिलेश यादव तुरंत आईएफडब्ल्यूजे के उपाध्यक्ष हेमंत तिवारी से चर्चा करते हैं. प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल भी पत्रकारों के मुद्दे पर बहुत संवेदनशील हैं. लखनऊ के पीजीआई में मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मुफ्त इलाज की व्यवस्था है.


अधिवेशन में पूर्व सांसद महेश जोशी, गुलाब चन्द्र दाढी, पत्रिका के पूर्व संपादक विजय बहादुर, ओम त्रिवेदी, पूर्व सांसद शर्मा, जगदीश सहाय, राजीव अरोड़ा, आर.के. तिवारी, प्रेम खुराना, राजस्थान जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष हरीश गुप्ता, असम जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष केशव कलिता, जयंत वर्मा, न्यूज़ टाइम्स पोस्ट के कार्यकारी संपादक भास्कर दुबे, के.एम.झा, हरियाणा जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष गणपत और गिरीश पारिक आदि ने अपने विचार व्यक्त किये.

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top