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यह तूफ़ान के पहले की खामोशी है या तूफ़ान के खात्मे का संकेत

 Sabahat Vijeta |  2016-09-15 12:20:23.0

Lucknow: Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav speaks to media after cabinet meeting at Annexe in Lucknow on Tuesday. PTI Photo (PTI12_1_2015_000121B)

शबाहत हुसैन विजेता


लखनऊ. मुलायम सिंह यादव, प्रो. राम गोपाल यादव और शिवपाल सिंह यादव तीनों लखनऊ में हैं. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी यहीं हैं. यह सम्भावना भी बनी हुई है कि सपा सुप्रीमो और मुख्यमंत्री की मुलाक़ात के बाद सब कुछ पहले जैसा हो जायेगा. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाक़ात के बाद प्रो. राम गोपाल ने हालांकि कहा कि बाहरी लोगों की वजह से गलतफहमियां पैदा हुई थीं लेकिन अब सब ठीक है. शिवपाल सिंह यादव ने लखनऊ पहुंचकर कहा कि चुनाव में चेहरा अखिलेश ही होंगे. मिशन-2017 ही लक्ष्य है. मंत्रालय छीने जाने का मलाल भी शिवपाल के चेहरे पर नहीं दिखा. मुलायम भी लखनऊ पहुँच गये तो यह माना गया कि कुछ ही देर में मुलायम और अखिलेश की मुलाक़ात होगी और मुद्दा खत्म हो जायेगा.


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मीडिया से मुखातिब होने के बाद शिवपाल 7 कालीदास मार्ग स्थित आवास से बाहर नहीं निकले. 5 कालीदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज सुबह 10 बजे से शाम साढ़े 4 बजे तक सिवाय प्रो. राम गोपाल यादव के किसी से भी नहीं मिले. आज सीएम ने किसी कार्यक्रम में भी शिरकत नहीं की. शाम 4 बजे कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी भी मुख्यमंत्री आवास से चले गये.


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कालीदास मार्ग और विक्रमादित्य मार्ग जो आमतौर पर दिन भर गुलज़ार रहते हैं आज इन दोनों सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. हालत यह है इन सड़कों पर कई आवास ऐसे हैं जिनके भीतर तूफ़ान है. चाहे वह 5 कालीदास मार्ग हो या फिर 7 कालीदास मार्ग. 5 विक्रमादित्य मार्ग हो या फिर समाजवादी पार्टी का मुख्यालय. लेकिन बात सड़कों की करें तो यहाँ अजब किस्म का सन्नाटा पसरा हुआ है. हालांकि गाड़ियाँ आ जा रही है. लोग भी हैं बावजूद इसके सन्नाटा है.


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मुख्यमंत्री आवास के बाहर गाड़ियाँ रुकती रहीं, नेता उतरकर मुख्यमंत्री से मुलाक़ात के लिए गेट तक जाते रहे लेकिन मुलाक़ात किसी की भी नहीं हुई. शिवपाल सिंह यादव के आवास पर भी यही हालत रही. कुछ गाड़ियाँ यहाँ भी पहुँची. गाड़ियों पर सवार लोगों ने घर के बाहर खड़े होकर भीतर संपर्क साधने की कोशिश की और फिर विक्रमादित्य मार्ग की तरफ चले गये. शिवपाल सिंह यादव का गेट नहीं खुलना था तो नहीं खुला.


सपा कार्यालय के भीतर भी सन्नाटा पसरा रहा. जो अन्दर मौजूद थे वह भी टीवी पर नज़रें गड़ाये हुए थे. मुलायम सिंह यादव के आवास के बाहर भी लोग इस बात का इंतज़ार कर रहे थे कि शायद भीतर से कोई खबर आये.


सत्ता और संगठन के केन्द्रों पर छाया सन्नाटा बाहर मौजूद लोगों के लिये यह पहेली बना हुआ है कि यह तूफ़ान के पहले की खामोशी है या फिर तूफ़ान के शांत हो जाने का संकेत. इसका जवाब क्या होगा यह किसी को भी ठीक से नहीं पता है. यही वजह है कि लोगों की नज़रें जमी हैं 5 कालीदास मार्ग के गेट पर. कि कब वहां से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव निकलें और 5 विक्रमादित्य मार्ग की ओर जाएँ. सपा सुप्रीमो और मुख्यमंत्री की मुलाक़ात के बाद ही तय होगा इस तूफ़ान का वजूद. इस मुलाक़ात के बाद ही तय होगा कि यह “किसी बाहरी” की कोई हरकत थी या फिर मिशन-2017 की तैयारी का कोई मोड़.

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