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जेल में बंद यादव सिंह के फर्म बचाने में लगे हैं MVVNL के MD

 Tahlka News |  2016-05-25 13:14:20.0

mvvnlविवेक अवस्थी
नोएडा. पिछले कुछ दिनों से ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड (आरईसी) के वरिष्ठ अधिकारी चकित हैं। मध्याचंल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे देखकर हर कोई हैरान और हंस भी रहा है। एमवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक शमीम अहमद हैं। इन्होंने काफी दिनों पहले दो फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया था, लेकिन अब आरईसी के अधिकारियों से उन्होंने अपील की है कि दोनों ब्लैकलिस्ट फर्मों पर पुनर्विचार किया जाए।


आरईसी के शीर्ष अधिकारी अब इस सोच में पड़ गए हैं कि आखिर क्या किया जाए? आरईसी में उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि यह वास्तव में अजीब बात है कि एमडी शमीम अहमद जो खुद फर्मों को काली सूची में डाला और अब फर्मों को वापस सूची में लेने की बात कर रहे हैं।


अगले महीने रिटायर हो रहे शमीम अहमद
बता दें कि शमीम अहमद अगले महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में उनका चिड़चिड़ा होने का स्वभाव स्वभाविक हो जाता है। वहीं, सूत्रों ने बताया कि सीबीआई जांच के डर से एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। ऐसा इसलिए क्योंकि ये कंपनी जेल में बंद इंजीनियर यादव सिंह के करीबियों की थी। ऐसे में अब शमीम अहमद रिटायर होने से पहले कंपनी को ब्लैकलिस्ट की सूची से हटवाना चाहते हैं।


ब्लैकलिस्ट कंपनी को मिला है करोड़ों का ठेका
एनकेजी कंपनी को ब्लैकलिस्ट किए जाने के बाद केंद्र और राज्य में काफी चर्चाएं हुई थीं। मॉडर्न इंस्ट्रूमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के ज्वाइंट वेंचर के साथ एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर को राजीव गांधी ग्रामीण विद्युत परियोजना के तहत बहराइच जिले में विद्युतीकरण के लिए 155 करोड़ रुपए का ठेका दिया गया था। इसी क्रम में हरदोई जिले के लिए 120 करोड़ रुपए का ठेका दिया था।


(विवेक अवस्थी नोएडा के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

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