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साम्प्रदायिक होना आसान है, सेकुलर होना मुश्किल

 Girish Tiwari |  2016-07-29 17:47:07.0

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  • सभी जाति और धर्म के लोगों की आपसी एकता और सद्भाव ही इस देश की पहचान

  • देश और प्रदेश की तरक्की और खुशहाली के लिए सभी धर्म के लोगों ने मिलकर काम किया है

  • एकता और सद्भाव से ही देश मजबूत होगा और आगे बढ़ेगा: मुख्यमंत्री

  • मुख्यमंत्री ने ‘ईद मिलन समारोह व राष्ट्रीय एकता काॅन्फ्रेन्स’ में शिरकत की


लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि सभी जाति और धर्म के लोगों की आपसी एकता और सद्भाव ही इस देश की पहचान है। एकता और सद्भाव से ही देश मजबूत होगा और आगे बढ़ेगा। देश और प्रदेश की तरक्की और खुशहाली के लिए सभी धर्म के लोगों ने मिलकर काम किया है। हिन्दू और मुसलमानों के मिलकर काम करने की बड़ी मिसालें हैं। आजादी की लड़ाई के दौरान भी सभी धर्मों के लोगों ने मिलकर बराबर का योगदान किया। साम्प्रदायिक होना आसान है, लेकिन सेकुलर होना मुश्किल है। अंग्रेजों ने अगर फूट डालकर राज करने की नीति न अपनायी होती, तो देश बहुत पहले ही आजाद हो जाता।


मुख्यमंत्री आज यहां ऐशबाग स्थित ईदगाह में इस्लामिक सेण्टर आॅफ इण्डिया द्वारा आयोजित ‘ईद मिलन समारोह व राष्ट्रीय एकता काॅन्फ्रेन्स’ में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। कार्यक्रम के आयोजन के लिए ईदगाह के इमाम खालिद रशीद फरंगी महली की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से लोग जागरूक होंगे और देश मजबूत होगा। उत्तर प्रदेश एकता, सद्भाव और भाईचारे का सन्देश देने में हमेशा आगे रहा है तथा इस तरह की पहल में हमेशा आगे रहेगा।


श्री यादव ने कहा कि दुनिया के तमाम देश आज अपने लोगों की खुशी और प्रगति के लिए काम कर रहे हैं। ऐसे दौर में देश की तरक्की और खुशहाली की दशा और दिशा के साथ ही लोगों के जीवन, सोच और सरकार के काम करने के तरीके के बारे में सभी को मिलकर विचार करना होगा। गरीबी, पर्यावरण और नौजवानों को रोजगार मुहैया कराना जैसी देश के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। आज देश में नौजवानों की संख्या सबसे अधिक है। इन्हें काम मुहैया कराना बड़ी जरूरत है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की समाजवादी सरकार ने विकास कार्यों एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से काम करने का उदाहरण पेश किया है। देश के सबसे लम्बे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, जनपद मुख्यालयों को 4-लेन सड़कों से जोड़ना, विभिन्न शहरों में मेट्रो रेल परियोजनाओं का तेजी से संचालन, समाजवादी पेंशन योजना जैसी योजनाएं किसी अन्य सरकार द्वारा नहीं चलाई जा रही हैं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के निर्माण से हजरतगंज और ताजगंज की दूरी कम हो जाएगी। इससे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां इतनी तेजी से बढ़ंेगी कि होने वाले लाभ का आकलन भी कठिन है।


श्री यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार द्वारा राज्य में कराए गए विकास व जनकल्याणकारी कार्य गैर-जरूरी आलोचनाओं पर ध्यान न देने से ही सम्भव हो पाए हैं। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में काफी काम हुआ है। गोमती रिवरफ्रन्ट पर तेजी से काम चल रहा है। इसके निर्माण से लखनऊ के पुराने और नए शहर की दूरी कम होगी। गोमती कभी शहर की लाइफ लाइन रही है। कारोबार इसी के माध्यम से होता था। इसीलिए शहर की सभी महत्वपूर्ण पुरानी इमारतें नदी के किनारे ही निर्मित हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी सरकार ने एम्स की स्थापना के लिए रायबरेली में सड़क के किनारे कीमती जमीन मुहैया करायी। जबकि राज्य की पिछली सरकार ने इस एम्स के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करायी थी। वर्तमान केन्द्र सरकार की मांग पर गोरखपुर में एम्स की स्थापना के लिए भी समाजवादी सरकार द्वारा मूल्यवान जमीन उपलब्ध करायी गयी। रायबरेली में एम्स का निर्माण हो रहा है, लेकिन शिलान्यास में उन्हें नहीं बुलाया गया। इसी प्रकार गोरखपुर में किसी शिला पट्टिका पर उनका नाम भी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए समाजवादी सरकार केन्द्र के साथ पूरा सहयोग कर रही है लेकिन केन्द्र द्वारा इस तथ्य का सम्मान नहीं किया जा रहा।


कार्यक्रम को ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी के अध्यक्ष राजिन्दर सिंह बग्गा, फादर डिसूजा, आचार्य डाॅ. कृष्ण मोहन जी महराज, वसीम अख्तर ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर राजनैतिक पेंशन मंत्री राजेन्द्र चौधरी, परिवार कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविदास मेहरोत्रा सहित जनप्रतिनिधिगण, पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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