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चार दिवसीय 27वां अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक सम्मेलन आठ से

 Sabahat Vijeta |  2016-03-29 15:42:35.0


  • पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और गीतकार कुंअर बेचैन पर केन्द्रित आयोजनों में होगा मीनाकुमारी के जीवन पर नाटक

  • कवि सम्मेलन व मुशायरे के अलावा जयपुर के हुसैन बंधु सजाएंगे गज़लों की शाम 


kalamलखनऊ, 29 मार्च। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के साथ ही गीतकार कुंअर बेचैन के साहित्यिक योगदान पर केन्द्रित हिन्दी-उर्दू साहित्य अवार्ड कमेटी का 27वां अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक समारोह इस वर्ष आठ से 11 अप्रैल तक गंगा-जमुनी तहजीब की राजधानी लखनऊ में चलेगा।


सम्मेलन के संत गाडगे प्रेक्षागृह व राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में चलने वाले आयोजनों में प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक व प्रावधिक शिक्षा मंत्री महफूज किदवई के साथ ही साहित्य जगत की मशहूर हस्तियां शामिल होंगी। सम्मेलन में उद्घाटन दिवस आठ अप्रैल को होने वाले अवार्ड समारोह में जहां चुनिंदा हिन्दी-उर्दू रचनाकार सम्मानित होंगे वहीं अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन और मुशायरे में दुबई के ज़ुबैर फारूक, पाकिस्तान के तारिक बदायुंनी, मशहूर गीतकार नीरज व मुनव्वर राना जैसे शायर व कवि काव्यप्रेमियों के बीच काव्यपाठ के लिए मंच पर होंगे। साथ ही जयपुर के हुसैन बंधुओं की गजलों की शाम सजेगी और फिल्म अदाकारी मीनाकुमारी के जीवन पर नाटक भी मंच पर उतरेगा।


कमेटी के महामंत्री अतहर नबी ने बताया कि हमारा पिछला 26वां जलसा समकालीन रचनाकारों प्रोफेसर गोपीचन्द नारंग व अशोक चक्रधर पर केन्द्रित था वहीं, इस बार का 27वां सम्मेलन ‘विंग्स आफ फायर’, ‘इग्नाइटेड माइण्ड्स’, ‘माई जरनी’, ‘इण्डिया 2020’, ‘दि लाइफ ट्री’ जैसी किताबों और ‘ओह, डिफेण्डर्स आफ बार्डर्स यू आर ग्रेट सन्स आफ माई लैण्ड...’ व ‘....ब्लेस माई नेशन विद् विज़न....’ जैसी अनेक कविताएं कहने वाले मिसाइलमैन एपीजे अब्दुल कलाम और हिन्दी के सुप्रसिद्ध गीतकार कुंवर बेचैन के व्यक्तित्व और कृतित्व क्रमश: नौ व 10 अप्रैल को राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह परिसार कैसरबाग के प्रसाद सभागार में होने वाली संगोष्ठियों में रचनाकारों के विषय होंगे। आयोजन में देशी-विदेशी रचनाकारों के साथ ही 10 अप्रैल की संगोष्ठी में स्वयं कुंवर बेचैन की मौजूदगी बहुत ही अहम होगी।


विश्व के कई देशों के रचनाकारों से सजने वाले इस सम्मेलन में कनाडा से अशफाक हुसैन, कतर से अहमद सबीह बुखारी, उज्बेकिस्तान से डा.तश्मिर्ज़ा खलमीर जायर, दुबई के ज़ुबैर फारूक, पाकिस्तान के तारिक बदायुंनी, किश्वर नाहीद व शीबा आलम सहित देश के विद्वान प्रो.खान मसूद खान, डा.शारिब रुदौलवी, प्रो.काज़ी ओ.आर.हाशमी, प्रो.वहाजुद्दीन अलवी, डा.अनीस अशफाक, प्रो.सगीर इफरायम, डा.मलिकजादा मंजूर, शोयब रज़ा, प्रो.अहसन रिज़वी, शहनवाज़ कुरैशी, असलम खान, सुहैल काकोरवी, प्रो.अहसन रिजवी, डा.मसीहुद्दीन खान, जियाउल्लाह, पद्मभूषण गोपालदास नीरज, डा.उदयप्रताप सिंह, डा.गंगाप्रसाद विमल, डा.अल्पना, डा.रमा सिंह, डा.सुरेश रितुवाला, प्रो.अब्दुल अलीम, अब्दुल रहीम, बल्देव भाई शर्मा, सागर त्रिपाठी, डा.सुरेश, डा.प्रीता, डा.माहे तिलत, चन्द्रेश शुक्ल, नितीश तिवारी, रंजना शेखर, डा.आदित्य द्विवेदी, डा.ऊषा सिनहा, डा.कुसम द्विवेदी, मुकुल महान, सर्वेश अस्थाना, राजेन्द्र पण्डित, डा.निर्मल दर्शन, अमन दलाल, क्षितिज उमेन्द्र, वत्सला पाण्डेय, व अभय सिंह निर्भीक इत्यादि शामिल होंगे।


उन्होंने बताया कि इस अवसर पर नौ अप्रैल की शाम कमेटी नौशाद संगीत केन्द्र के सहयोग से संत गाडगे प्रेक्षागृह में प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक महापौर डा.दिनेश शर्मा की उपस्थिति में जयपुर के हुसैन बंधुओं अहमद हुसैन-मुहम्मद हुसैन को एक लाख रुपये राशि के नौशाद संगीत सम्मान से अलंकृत करेंगे। बाद में ये दोनों फनकार शास्त्रीय संगीत की अदाओं से भरी गजलों से श्रोताओं को नवाजेंगे। समारोह के अंतिम दिन 11 अप्रैल को षाम सवा छह बजे से अभिनेत्री मीनाकुमारी के जीवन पर आधारित एस.एन.लाल के लिखे नाटक ‘अधूरे ख्वाब’ का मंचन मिद्दत खान के निर्देशन में होगा।

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