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जारी है भक्ति के नाम पर गद्दी का सत्ता संघर्ष

 Anurag Tiwari |  2016-10-18 03:26:15.0

Varanasi, वाराणसी, जय गुरुदेव, समागम, भगदड़, पंकज यादव, उमाकांत तिवारी

तहलका न्यूज ब्यूरो

वाराणसी. जय गुरुदेव के अनुयायियों के समागम में हुई भगदड़ और उससे हुई मौतों ने एक बार फिर मथुरा के जवाहरबाग कांड की याद दिला दी है. वहां भी जय गुरुदेव के शिष्य रामबृक्ष के शक्ति प्रदर्शन और सनक ने दो पुलिसवालों सहित 22 लोगों की जान ले ली थी. बीते शनिवार को वाराणसी हुए हादसे में 25 लोगों ने अपनी जान गंवा दी. इस हादसे को हुए दो दिन भी नहीं बीते हैं कि अब एक और शक्ति-प्रदर्शन की तैयारियां वाराणसी में ही शुरू हो चुकी हैं. कहने को यह दोनों घटनाएं अलग-अलग दिखती हैं, लेकिन हकीकत है कि इन दोनों के पीछे जय गुरुदेव की विरासत को लेकर चल रहा संघर्ष है.


जयगुरुदेव की मौत की बाद से शुरू हुआ सत्स संघर्ष

मथुरा स्थित के आश्रम में जयगुरुदेव की 12 मई 2012 को मौत के बाद से ही उनकी गद्दी के लिए सत्ता संघर्ष शुरू हो गया था.  उनके कई करीबी अनुयायी उनकी गद्दी के दावेदार थे. उनमे प्रमुख थे उमाकांत तिवारी, जिनके बारे कहा है कि बाबा ने उन्हें अपने जीते जी ही अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था. दूसरे इस समय गुरुदेव की गद्दी पर आसीन पंकज यादव जो एक समय उनके ड्राइवर हुआ करते थे और तीसरा रामबृक्ष यादव, जो मथुरा में जवाहरबाग कांड का सूत्रधार बना. इन तीनों में जय गुरुदेव की मौत के बाद से ही उत्तराधिकार लड़ाई चल रही है.

इमेज बिल्डिंग के लिए वाराणसी का समागम

वाराणसी में बाबा पंकज दास द्वारा आयोजित समागम दरअसल जवाहरबाग कांड के बाद जय गुरुदेव के आश्रम की इमेज को पहुंचे नुकसान की भरपाई के रूप में था. इसके लिए ही शकाहार सदाचार समागम के रूप में लाखों भक्तों की भीड़ जुटाई गई ताकि संख्या बल के आधार आश्रम की की शक्ति और लोकप्रियता का प्रदर्शन हो सके. अब इसी शक्ति प्रदर्शन के सिलसिले को बाबा के दूसरे शिष्य  उमाकांत तिवारी 23 अक्टूबर को आगे बढ़ाने जा रहे हैं.

दूसरे समागम में भी प्रशासन से झूठ

जहां पंकज दास के समागम में तीन हजार लोगों के जुटने की बात प्रशासन को बता लाखों की भीड़ जुटाई गई, लगभग उसी ढर्रे पर उमाकांत तिवारी ने भी प्रशासन को केवल चार हजार भक्तों के जुटने की बात कहकर अनुमति ली है, जबकि चोलापुर के अल्लोपुर में रामजानकी मंदिर के 20 बीघा मैदान में तैयारियां बता रही हैं कि यहां भी लाखों की भीड़ जुटने वाली है .

प्रशासन ने कहा कैंसिल करो कार्यक्रम

सोमवार दोपहर एलआईयू के डिप्टी एसपी  भवर सिंह पुण्डीर अपने दलबल के साथ पहुंचे और आयोजके गोपाल दीक्षित से और कार्यक्रम को रदद् करने को कहा.

आयोजक ने खड़े किए हाथ

आयोजन के प्रमुख गोपाल दीक्षित के मुताबिक़ समागम शहर से 10 किलोमीटर दूर होना है ऐसे में अगर प्रशासनिक मदद मिल जाए तो वे अपने वालिंटियर्स के साथ ब्यवस्था संभाल लेंगे.  उनके मुताबिक सभी को समागम की सूचना दी जा चुकी है. ऐसे में भक्तों को आने से मना करने पर महाराज पर से भक्तो का विश्वास उठ जायेगा। उनके मुताबिक प्रशासन उन्हें कार्यक्रम करने से मन करने के बजाय उनका सहयोग करे तो वे इस कार्यक्रम को बिना किसी अनहोनी के आयोजित कर लेंगे.

वहीं आईजी जॉन, वाराणसी का कहना है कि पिछली गलतियों से सबक लेते हुए जिला पुलिस को क्राइसिस मैनेजमेंट स्कीम को और प्रभावी बनाने के लिए कहा गया है.



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